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देहरादून में भारी बारिश से हाहाकार, प्रशासन ने 5 होटलों को बनाया राहत केंद्र

देहरादून: बीती रात से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने देहरादून जिले में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए शहर के 5 होटलों को आपदा राहत केंद्र घोषित किया है। यह आदेश अपर जिलाधिकारी शरद देहरादून की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 33 और 34 के तहत जारी किया गया है। इन राहत केंद्रों में प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित ठहराया जाएगा और उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राहत केंद्र बनाए गए होटल और संपर्क अधिकारी

  1. Vibes Inn, डांडा नूरवाला – सहस्रधारा रोड
    संपर्क अधिकारी: Mr. Vishant Sharma – 9411574747
  2. Hotel Iceberg, फ्रेंड्स प्लाजा, डांडा लखौंड, सहस्रधारा रोड
    संपर्क अधिकारी: Mr. Sachin – 9897493502, 9634710400
  3. Heli Resort & Restaurant, हेलिपैड के सामने, परवादून, मसूरी बायपास
    संपर्क अधिकारी: Mr. Arvind – 9997284033, 9411325803
  4. Hotel Hill View, कुल्हान मानसिंह, सहस्रधारा रोड
    संपर्क अधिकारी: Mr. Madan – 9536539090, 9837804997
  5. Pearl Inn, नजदीक शिप्रा विहार, कैनाल रोड
    संपर्क अधिकारी: 8218575928, 7895532579

प्रशासन ने क्या कहा?

जारी अधिसूचना में जिला प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को तत्काल इन राहत होटलों में शिफ्ट किया जाए। होटल मालिकों को यह भी आदेशित किया गया है कि राहत कार्यों के दौरान किसी भी पीड़ित को असुविधा न हो। अधिकारियों को मुआवजा उचित प्रक्रिया के तहत प्रदान किया जाएगा। साथ ही, एसडीआरएफ, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत केंद्रों पर लगातार निगरानी रखने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हालात गंभीर, प्रशासन की चुनौती बढ़ी

देहरादून और आसपास के इलाकों में बारिश ने सड़कों को नुकसान पहुंचाया है, कई जगह पुल और नाले उफान पर हैं। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। ऐसे में राहत केंद्रों का यह निर्णय हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक आई इस आपदा ने उनके जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई राहत देने वाली है।

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