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पेयजल योजनाओं के लिए ‘जीरो कार्बन’ टारगेट: उत्तराखंड के STP प्लांट्स की अब होगी 24×7 डिजिटल मॉनिटरिंग।

देहरादून: मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में विभिन्न विकास योजनाओं (पूंजीगत व्यय, CSS, EAP, नाबार्ड) की समीक्षा की। उन्होंने विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि बजट का समय पर उपयोग और परियोजनाओं की गुणवत्ता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

1. सिंचाई विभाग को बड़ी चुनौती: 15% से बढ़ाकर 30% करें सिंचित क्षेत्र

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को अगले 5 वर्षों के भीतर प्रदेश की कुल सिंचित भूमि को दोगुना (30 प्रतिशत) करने का महात्वाकांक्षी लक्ष्य दिया है।

  • रणनीति: नए बैराज, नहरों का निर्माण और ध्वस्त हो चुके सिंचाई तंत्र को पुनर्जीवित करना।

  • नवाचार: पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सफल ‘स्प्रिंकलर सिस्टम’ (फव्वारा सिंचाई) को अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

2. पेयजल विभाग के लिए ‘जीरो कार्बन’ और सोलर एनर्जी का लक्ष्य

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पेयजल विभाग को जीरो कार्बन उत्सर्जन पर फोकस करने को कहा गया है।

  • सोलर ग्रिड: जल संस्थान और जल निगम की पेयजल योजनाओं को सोलर और बैटरी बैकअप से जोड़ा जाएगा।

  • STP मॉनिटरिंग: प्रदेश के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की 24×7 रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए मैकेनिज्म तैयार होगा।

3. देहरादून की सरकारी कॉलोनियों में 100% वाटर मीटरिंग

पानी की बर्बादी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:

  • डेडलाइन: 31 मार्च तक देहरादून की सभी सरकारी कॉलोनियों में 100% वाटर मीटर लगाने का लक्ष्य।

  • क्वालिटी कंट्रोल: दूषित पानी की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

  • ट्रीटेड वाटर: STP से निकलने वाले शोधित जल का उपयोग सिंचाई और अन्य गैर-पेय कार्यों (Non-Drinking) के लिए होगा।

4. इंडिपेंडेंट थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन: गुणवत्ता से समझौता नहीं

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक मजबूत थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

  • जिन प्रोजेक्ट्स में अभी तक इसका प्रावधान नहीं है, उनमें तत्काल सुधार किया जाएगा।

  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उन पर एक्शन लिया जाएगा।

5. टिहरी बनेगा ‘इंटरनेशनल डेस्टिनेशन’

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगी है:

  • टिहरी झील: टिहरी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने और ‘रिंग रोड परियोजना’ को जल्द शुरू करने की योजना।

  • शहरों का सौंदर्यीकरण: देहरादून सहित बड़े शहरों में बड़े पार्कों का निर्माण और वन विभाग द्वारा ‘सिटी ग्रीनिंग’ को बढ़ावा देना।

  • साइंस सिटी: आईटी विभाग को ‘साइंस सिटी’ और विज्ञान केंद्रों के संचालन के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश।

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