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मुख्य सचिव की दो टूक: प्रोजेक्ट्स की सुस्ती के लिए जिम्मेदार होंगे सचिव, 30 जनवरी तक का अल्टीमेटम।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि वाह्य सहायतित योजनाओं (EAP) और अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रोजेक्ट्स की सुस्ती के लिए अब सीधे तौर पर संबंधित विभागाध्यक्ष और सचिव जिम्मेदार होंगे।

कृषि और उद्यान: ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ पर जोर मुख्य सचिव ने उद्यान एवं कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे अलग-अलग काम करने के बजाय मिलकर बड़े और इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स तैयार करें। विशेष रूप से सेब (Apple), कीवी और ऐरोमा (सुगंधित पौधों) के क्षेत्र में एकीकृत खेती को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने फिशरीज (मत्स्य पालन) और पशुपालन विभाग को भी ट्राउट उत्पादन और लाइवस्टॉक के लिए संयुक्त प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा।

किसानों को मिलेगी कोल्ड स्टोरेज की ताकत प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने राज्यभर में कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “ऐपल मिशन” के तहत नर्सरी और स्टोरेज की ऐसी व्यवस्था हो जिससे किसान अपने उत्पाद को स्टोर कर सकें और बाजार में अनुकूल समय आने पर अच्छे दामों पर बेच सकें।

PMGSY मुआवजा और फेंसिंग के निर्देश मुख्य सचिव ने पीएमजीएसवाई (PMGSY) के तहत भूमि मुआवजा वितरण कार्य को इसी वित्तीय वर्ष (मार्च 2026) तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया है। साथ ही, कृषि विभाग को चैन लिंक फेंसिंग (जंगली जानवरों से बचाव के लिए घेराबंदी) के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।

30 जनवरी तक का अल्टीमेटम: बजट पर कैंची की चेतावनी मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सभी प्रस्ताव 30 जनवरी 2026 तक शासन को उपलब्ध करा दें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इसके बाद मिलने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं होगा और जो विभाग बजट खर्च नहीं कर पाएंगे, उनका फंड बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

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