Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

मुजफ्फरपुर: बागमती का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ नियंत्रण के लिए कमेटी गठित

[ad_1]

रसूलपुर में बागमती नदी का कटाव जारी, प्रशासन अलर्ट मोड में, संयुक्त कमेटी का निरीक्षण

मेजरगंज (सीतामढ़ी): प्रखंड के रसूलपुर गांव में बागमती नदी का कटाव लगातार जारी है। कटाव को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
इस संबंध में मेजरगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंदन कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ नियंत्रण को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत व्यवस्था और कटाव रोकथाम को लेकर गहन चर्चा हुई।
संयुक्त कमेटी गठित, स्थल का निरीक्षण
अंचल अधिकारी विनीता ने जानकारी दी कि बाढ़ नियंत्रण के लिए एक संयुक्त कमेटी गठित की गई है, जिसमें वरीय उप समाहर्ता प्रियंका कौशिक, सीओ विनीता, नूपुर सिंहासिनी, राजपुताना राइफल्स के कमांडेंट रुद्र प्रताप एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
कमेटी के सदस्यों ने रसूलपुर में कटाव स्थल का निरीक्षण किया और कटाव निरोधी कार्य में लगे संवेदक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्थानीय प्रयास और तकनीकी सुझाव
बागमती परियोजना के तहत कटाव को रोकने के लिए बंबू पाइलिंग और बालू भरी बोरियों से बैरिकेडिंग की जा रही है। अधिकारियों ने कार्य की गति को तेज करने की आवश्यकता जताई। सीओ विनीता ने बताया कि स्थायी समाधान के लिए बोल्डर पाइलिंग की योजना है, जिसे संभवतः अगले वर्ष से लागू किया जाएगा।
आपदा मित्र द्वारा प्रशिक्षण और तैयारी
आपदा प्रबंधन की तैयारी के तहत ‘आपदा मित्र’ द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में थर्मोकोल और बोतलों की सहायता से जीवनरक्षक जैकेट (लाइफ जैकेट) बनाना सिखाया जाएगा। वहीं, आपातकाल में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन को पत्र भी भेजा गया है।
पिछले वर्षों में बाढ़ का कहर
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में बाढ़ के कारण 300 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि अब तक 35 घर बागमती नदी की कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं। वर्ष 2023 की प्रलयंकारी बाढ़ में दर्जनों परिवारों को अपने घर छोड़कर स्कूलों और रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी थी।
उपस्थित अधिकारी और जनप्रतिनिधि
निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष ललित कुमार, बीपीआरओ विशाल राव, मुखिया राघवेंद्र कुमार सिंह, पंचायत प्रतिनिधि सोहन पासवान, राजू स्वर्णकार, ओमप्रकाश साह, केशव सिंह, धर्मेंद्र यादव, विवेक सिंह समेत प्रखंड समन्वयक और सभी राजस्व कर्मचारी मौजूद रहे।






[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *