Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

सुबह 4 बजे पंचामृत से हुआ राधारानी का महाभिषेक, पूरे बरसाना में गूंजा ‘राधे-राधे’

श्रीराधारानी की पावन जन्मभूमि बरसाना में इस बार जन्मोत्सव का पर्व बेहद धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। रविवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 4 बजे पंचामृत से श्रीराधारानी का महाभिषेक हुआ। दूध, दही, शहद और इत्र से बने पंचामृत से जब अभिषेक प्रारंभ हुआ तो पूरा मंदिर परिसर ‘राधे-राधे’ की गूंज से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।

रंग और रोशनी से जगमगाया बरसाना

देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु इस अद्भुत अवसर के साक्षी बने। जैसे ही शाम ढली, बरसाना की गलियां रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से जगमगाने लगीं। हर चौक और मंदिर में भजन-कीर्तन गूंजते रहे। लाडली जू मंदिर की ओर बढ़ते श्रद्धालुओं के चेहरों पर उत्साह और खुशी साफ झलक रही थी। महिलाएं समूह बनाकर बधाई गीत गा रही थीं, बच्चे ढोलक और करताल की धुन पर झूम रहे थे और राधा की सखियां शृंगार करके आल्हा व बधाई पदों पर थिरक उठीं।

भव्य आतिशबाजी और पंचामृत अभिषेक

इस बार जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया। रात के आसमान में रंग-बिरंगे पटाखों ने जब जगमगाहट बिखेरी तो पूरा वातावरण उल्लास से भर उठा और श्रद्धालु झूमने लगे। परंपरा के अनुसार सुबह तड़के लगभग 10 कुंतल दूध, 10 कुंतल दही, 11 किलो शहद और इत्र से श्रीराधारानी का पंचाभिषेक किया गया। इसके साथ ही 27 तीर्थों का जल, 27 कुओं का जल, 27 वृक्षों की पत्तियां और तीर्थ की रज से मूल शांति विधि भी सम्पन्न की गई।

नंदगांव-बरसाना गोस्वामी समाज की सहभागिता

नंदगांव और बरसाना के गोस्वामी समाज ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचकर पूरी रात बधाई गीत गाए। इन गीतों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।

प्रशासन ने रखी कड़ी नजर

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किए थे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश और एसएसपी श्लोक कुमार ने खुद व्यवस्थाओं पर नज़र रखी। भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और लाइव स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई, ताकि कोई भी दर्शन से वंचित न रहे। हालांकि, लाखों की भीड़ के कारण कुछ जगहों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी और कई वीडियो सामने आए जिनमें श्रद्धालुओं को बैरिकेड और दीवार फांदते हुए देखा गया।

श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह

कड़ी सुरक्षा और विशाल भीड़ के बीच यह जन्मोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं का कहना था कि इतने बड़े स्तर पर मनाया गया यह पर्व उनके लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। बरसाना में इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भक्ति, परंपरा और उत्सव जब एक साथ आते हैं तो संपूर्ण वातावरण ही दिव्यता से भर जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *