Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

हरिद्वार का उर्स मेला बना विवाद का कारण – आस्था की जगह अश्लीलता हावी, ग्रामीणों ने जताई नाराज़गी

धर्मनगरी हरिद्वार अपनी गंगा, घाटों और धार्मिक आस्थाओं के लिए पहचानी जाती है। यहां हर साल विभिन्न धार्मिक आयोजन और मेले लगते हैं, जिनमें श्रद्धालु दूर-दूर से शामिल होते हैं। लेकिन इस बार भगवानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर भैंसवाल गांव से जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने हर किसी को हैरान और शर्मसार कर दिया।

उर्स मेले में बार-बालाओं का डांस

गांव में बाबा मुल्तानी शेर रहमतुल्लाह चिश्ती की दरगाह पर हर साल की तरह इस बार भी सालाना उर्स का आयोजन हुआ। श्रद्धा और इबादत का यह मौका होना चाहिए था, लेकिन माहौल बदल गया। खुले मंच पर बार-बालाओं के ठुमके लगे और भीड़ शोरगुल करती नज़र आई। धार्मिक आयोजन में डांस प्रोग्राम देखकर ग्रामीणों ने कड़ी नाराज़गी जताई।

आस्था की आड़ में अश्लीलता?

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजनों का मकसद दुआएं, इबादत और सामाजिक एकता का संदेश देना होना चाहिए, लेकिन यहां आस्था की आड़ में अश्लीलता परोसी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि धार्मिक माहौल में ऐसे कार्यक्रम की इजाज़त किसने दी? क्या आयोजकों ने अनुमति ली थी या फिर प्रशासन और पुलिस सब जानते हुए भी चुप रहे?

समाज को गलत संदेश देने का आरोप

गांव के बुजुर्गों और कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। खासतौर पर बच्चों और युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का अपमान नहीं है बल्कि स्थानीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादा को भी ठेस पहुंचाने वाली बात है।

प्रशासन पर उठे सवाल

अब सवाल प्रशासन पर भी खड़े हो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि अगर अनुमति लिए बिना ऐसे मंचन हुए तो स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की? और अगर अनुमति थी, तो धार्मिक आयोजन में अश्लील डांस की इजाज़त कैसे दी गई?

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। उनका कहना है कि धर्म और आस्था के नाम पर अश्लीलता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *