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500 करोड़ की ठगी: CBI जांच में देरी पर भड़कीं महिलाएं, पैदल ही शुरू की दिल्ली की दूरी।

श्रीनगर/गढ़वाल: उत्तराखंड के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक LUCC (Lords Unit Co-operative Credit Society Limited) की पीड़ित महिलाओं ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। बुधवार को अपनी जमा पूंजी वापस पाने और सीबीआई (CBI) जांच की समय-सीमा तय करने की मांग को लेकर महिलाओं ने श्रीनगर से दिल्ली तक की पदयात्रा शुरू की। हालांकि, प्रशासन ने सुरक्षा और अनुमति का हवाला देते हुए इस यात्रा को एनआईटी (NIT) के पास ही रोक दिया, जिससे घंटों गहमागहमी बनी रही।

पुलिसिया घेराबंदी और महिलाओं का धरना

श्रीनगर से मात्र 2 किमी की दूरी पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर पदयात्रा को रोक लिया। इससे नाराज महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।

  • प्रशासन का पक्ष: सीओ अनुज कुमार के अनुसार, कार्यक्रम की पूर्व अनुमति नहीं थी, इसलिए सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया।

  • दमन के आरोप: देर शाम काफी विवाद के बाद पुलिस ने महिलाओं को वहां से हटाया, लेकिन न्याय की जिद पर अड़ी महिलाएं रात 6:30 बजे फिर से दिल्ली के लिए पैदल रवाना हो गईं।

कांग्रेस का तीखा हमला: “मूल अधिकारों का हनन”

आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पूर्व पीसीसी सदस्य डॉ. प्रताप भंडारी ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण पदयात्रा को रोकना नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। पुलिस डॉ. भंडारी को हिरासत में लेकर करीब 14 किमी दूर कलियासौड़ चौकी ले गई, जिसका महिलाओं ने कड़ा विरोध किया।

क्या है 500 करोड़ का LUCC Scam?

यह घोटाला उत्तराखंड के हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा जख्म बन चुका है:

  • ठगी का जाल: इस सोसाइटी ने खुद को सहकारिता मंत्रालय से जुड़ा बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों का भरोसा जीता।

  • निवेशक और राशि: लगभग 2 लाख निवेशकों से RD, FD और अन्य स्कीमों के नाम पर ₹500 करोड़ से अधिक की ठगी की गई।

  • कानूनी स्थिति: उत्तराखंड के 7 जिलों में इसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं और मामला अब सीबीआई के पास है, लेकिन पीड़ित महिलाएं जांच की धीमी गति से असंतुष्ट हैं।

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