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बिजनौर में गुलदार की समस्या विकराल, पिछले 20 माह में 24 लोगों की जानें गईं

बिजनौर जनपद में कोरोना काल के बाद जिले में उत्पन्न हुई गुलदार की समस्या अब विकराल हो गई है। जहां एक ओर वन विभाग, प्रशासन बैठक कर गुलदार की समस्या पर चर्चा कर रहा है, वहीं गुलदार लगातार इंसानों की जान ले रहा है। पिछले 20 माह में अब तक 24 इंसानों की जान गुलदार के हमलों में जा चुकी है। जिले का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं, जहां गुलदार की मौजूदगी न हो।

बिजनौर जिले की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो अमानगढ़ से लेकर नजीबाबाद तक घना जंगल है। अमानगढ़ में जहां बाघ से लेकर गुलदार तक की मौजूदगी है, वहीं नजीबाबाद डिवीजन की अधिकांश रेंज में हाथी और गुलदार की मौजूदगी देखने को मिलती है। आरक्षित वन क्षेत्र से कई गुना गुलदार गन्ने के खेतों में घूम रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक जिले में गन्ने के खेतों में 500 से ज्यादा गुलदार हो सकते हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष अब तक 46 गुलदार और उनके शावकों को वन विभाग पकड़ चुका है।

गन्ने के जंगल का राजा बन चुका गुलदार : जोएल लॉयल
जिम कार्बेट के रिसर्च स्कॉलर एवं वरिष्ठ वन्य जीव विशेषज्ञ जोएल लॉयल कहते हैं कि गुलदार ने गन्ने के खेतों में रहना सीख लिया है। अब इन्हें यहां से हटाना बहुत मुश्किल काम है। जिस तरह से इनकी मौजूदगी सामने आ रही है, यह पूरे जिले में है। लोगों को भी इनसे बचना सीखना होगा। यहां पर जो गुलदार के शावक पैदा हो रहे हैं, उनके लिए यही प्राकृतिक आवास है।
नरभक्षी घोषित होगा गुलदार, वन अफसरों ने लिखा पत्र
जमालपुर भूड़ में किसान को मारने वाले गुलदार ने उसका मांस भी खा लिया। उधर, 40 दिन में चार से पांच किमी के दायरे में हुई तीन मौत और तीन लोगों के घायल होने से गुलदार के नरभक्षी होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में वन अफसरों ने गुलदार को नरभक्षी घोषित करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिख दिया है।
डीएफओ की ओर से लिखे गए पत्र में चार किमी के दायरे में गांव पिलाना में दो, जलालपुर हसना में एक मौत होने और गांव सिसोना, पिलाना और गांव अखलाखपुर में तीन लोगों के घायल होने का हवाला दिया है।
वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों के पास गुलदार आया तो पर अंदर नहीं गया। उसे पकड़ने में विफल होने की दशा में उसे नरभक्षी घोषित करने की मांग पत्र में की गई है। डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिस तरह घटनाएं हुई हैं, उससे लग रहा है कि एक ही गुलदार ने यह हमले किए गए हैं। शासन को पत्र लिख दिया गया है।
आक्रोशित किसानों ने मांगी गुलदार को मारने की अनुमति
बिजनौर के हल्दाैर में गांव जलालपुर भूड़ में गुलदार द्वारा किसान पीयूष कुमार उर्फ पिंकी की मौत पर विभिन्न किसान संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। भाकियू चढूनी के पउप्र के युवा अध्यक्ष विकास चौधरी, जिलाध्यक्ष विकास कुमार उर्फ नूरी, परवेंद्र कुमार, भाकियू टिकैत गुट के हल्दौर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, राजेंद्र कुमार, अरुण कुमार, सपा प्रदेश सचिव आदित्यवीर सिंह आदि पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से किसानों की आत्मरक्षा के लिए गुलदार को मारने की अनुमति दिलाए जाने की मांग की।
घटनास्थल से कुछ दूरी पर लगाए गए पिंजरे
हल्दौर। गांव जलालपुर भूड़ के जंगल में वन रेंजर महेश गौतम टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने गुलदार को पकड़ने के लिए घटना स्थल पर बकरी समेत एक पिंजरा व कुछ दूरी पर एक ओर समेत दो पिंजरे लगाए। उन्होंने किसानों से अकेले देर शाम जंगल नहीं जाने व नशा करके बिलकुल भी नहीं जाने की अपील की है।

 

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