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अररिया में परमान नदी के तेज बहाव में पुल ढह गया, स्थानीय लोग समस्याओं का सामना कर रहे हैं

बिहार के अररिया में एक महीने के अंदर दूसरा पुल हादसा हुआ है। परमान नदी के तेज बहाव को 10 साल पुराना पुल नहीं झेल पाया और देखते ही देखते नदी में समा गया। यह घटना फारबिसगंज प्रखंड के अम्हारा पंचायत के वार्ड संख्या 13 में हुई। बताया जा रहा है कि गोपालपुर मझुआ से अम्हारा हाट जाने वाले मुख्य ग्रामीण सड़क पर स्थित लक्ष्मनिया टोला के समीप पुल गिर गया। इससे करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर फारबिसगंज-खवासपुर मुख्य मार्ग होकर आवागमन करना पड़ेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 साल पुराना इस पुल की लंबाई करीब 30 से 35 फीट है। ध्वस्त हुए पुल में दो पिलर थे। करीब 1.25 करोड़ की लागत से इस पुल का शिलान्यास स्थानीय सांसद प्रदीप कुमार सिंह के द्वारा किया गया था। गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य होने के कारण उक्त क्षतिग्रस्त पुल पानी का दबाव झेल नहीं पाया। ग्रामीणों ने कहा कि पुल के कमजोर व क्षतिग्रस्त होने की जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी गई, मगर कोई भी अधिकारी जांच करने घटनास्थल पर नहीं पहुंचे।

पंचायत जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लक्ष्मनिया टोला में पुल के ध्वस्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों की  हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। जिस क्षेत्रों में ज्यादातर ग्रामीण प्रभावित हुए है,उनमें रंगदाहा, मझुआ, बैरबा, गोपालपुर,बौचाभाग,मुसहरी टोला, आदिवासी टोला, ढोलबज्जा, पोठिया, महेशमुढ़ी आदि ग्रामीण क्षेत्रो से अम्हारा बाजार का संपर्क टूट गया है।

भाजपा विधायक विद्यासागर केशरी ने कहा कि पानी के तेज बहाव होने के कारण लक्ष्मनिया टोला में बना पुल ढह गया है। उन्होंने कहा कि उक्त स्थान के समीप के क्षेत्रों में तीन पुल की आवश्यकता है। क्योंकि फारबिसगंज का इलाका बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। कहा कि पूर्व का पुल आरडब्लूडी योजना से बना हुआ है। जबकी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पथ निर्माण विभाग के आरसीडी योजना के द्वारा इन स्थानों पर सड़क व पुल का निर्माण कार्य होना चाहिये। जिससे पानी का तेज बहाव को आसानी से पुल झेल लेगा। कहा कि इसके लिए उन्होंने बिहार विधानसभा में अनुशंसा की है, साथ ही नाबार्ड योजना से सर्वे कराकर उसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी गई है। कहा कि उक्त स्थान सहित आसपास तीन नये पुल बनाने का प्रयास उनके द्वारा जारी है।

कार्यपालक अभियंता प्रवीण कुमार ने कहा कि पुल काफी पुराना और क्षतिग्रस्त था। क्षतिग्रस्त पुल स्थल के समीप विभाग के द्वारा पुल क्षतिग्रस्त है, वाहन व पैदल चलना वर्जित है का सूचना पट्ट भी पूर्व में लगाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हेड  क्वार्टर, पटना को इस स्थान पर नये पुल के निर्माण को लेकर चेक लिस्ट भेजा जा चुका है। तीन माह पूर्व एवं बीते 13 जुलाई को चेक लिस्ट भेजा गया है। विभाग से आदेश मिलते ही उक्त स्थान पर नया व मजबूत पुल बनाया जायेगा।

18 जून को अररिया जिला के सिकटी प्रखंड की है। यहां करोड़ों की लागत से बकरा नदी के पड़रिया घाट पर बना पुल । दोपहर करीब दो बजकर पांच मिनट में यह हादसा हुआ। 182 मीटर का पुल कुल तीन हिस्सों में बना था। दो पाए के साथ दो हिस्सा नदी में समा गया। यह जून 2023 में बनकर तैयार हुआ। पुल के दोनों और पहुंच पथ नहीं होने के कारण इस पर आवागमन नहीं हो रहा था। ग्रामीणों ने कुल निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले दो दिनों से पुल के स्लैब में दरार दिख रही थी। 18 जून को अचानक पुल गिर गया।

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