Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

तीसरी बार छूटा खिताब: नीरज चोपड़ा फिर रहे दूसरे स्थान पर, जूलियन वेबर बने डायमंड लीग के बादशाह

भारतीय स्टार और ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) एक बार फिर डायमंड लीग फाइनल का खिताब अपने नाम नहीं कर पाए। गुरुवार रात खेले गए मुकाबले में नीरज ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन खिताब उनसे दूर रह गया। लगातार तीसरे साल नीरज फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। इस बार जर्मनी के जूलियन वेबर (Julian Weber) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

जूलियन वेबर का धमाकेदार प्रदर्शन

जर्मनी के जूलियन वेबर इस प्रतियोगिता के हीरो बने। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 91.57 मीटर का जबरदस्त थ्रो किया। यह इस सीजन का सबसे बेहतरीन और व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो साबित हुआ। इसके बाद भी वेबर ने अपने बाकी प्रयासों में 83.66 मीटर, 86.45 मीटर और 88.66 मीटर तक भाला फेंका, लेकिन शुरुआती बड़ा थ्रो ही उन्हें ट्रॉफी दिलाने के लिए काफी रहा। वेबर का यह प्रदर्शन इतना प्रभावशाली था कि उनके आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं पहुंच पाया। मुकाबला लगभग एकतरफा रहा और जर्मन एथलीट ने पहली बार यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

नीरज चोपड़ा का संघर्ष और दूसरा स्थान

नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता की शुरुआत 84.35 मीटर के थ्रो से की। शुरुआती पांच प्रयासों तक वह तीसरे स्थान पर बने रहे। हालांकि, अपने अंतिम प्रयास में उन्होंने 85.01 मीटर का थ्रो किया और इस दम पर दूसरे स्थान पर पहुंच गए। नीरज के कुल 6 प्रयासों में से 3 थ्रो फाउल रहे। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.01 मीटर का रहा। 27 वर्षीय भारतीय एथलीट 85 मीटर से आगे का थ्रो नहीं कर पाए।

पिछले तीन सालों का सफर

नीरज चोपड़ा ने साल 2022 में डायमंड लीग फाइनल की ट्रॉफी जीती थी। लेकिन इसके बाद से लगातार तीन साल से वह उपविजेता बन रहे हैं।

  • 2023 – दूसरा स्थान
  • 2024 – दूसरा स्थान
  • 2025 – दूसरा स्थान

इस बार उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वाल्कोट को पीछे छोड़ा। वाल्कोट ने 84.95 मीटर का थ्रो किया और तीसरे स्थान पर रहे।

फैंस की उम्मीदें और नीरज की मजबूती

नीरज भले ही खिताब नहीं जीत पाए, लेकिन उनका लगातार टॉप-2 में बने रहना उनकी विश्वस्तरीय स्थिरता को दर्शाता है। भारतीय फैंस के लिए यह गौरव की बात है कि नीरज लगातार दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं।

नीरज ने मुकाबले के बाद कहा कि –“खेल में जीत और हार लगी रहती है। मेरे लिए खुशी की बात है कि मैं लगातार टॉप-2 में हूं। आने वाले टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *