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हल्द्वानी युवक सजल जोशी ने मानसिक तनाव और बीमारी के चलते की खुदकुशी

हल्द्वानी नगर में सोमवार शाम एक दुखद घटना सामने आई, जब सजल जोशी नामक युवक ने अपने कमरे में चाकू से गला रेंतकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिजन और स्थानीय लोग सदमे में हैं।

सोशल मीडिया पर अंतिम संदेश

आत्महत्या से पहले सजल ने इंस्टाग्राम पर एक सुसाइड नोट अपलोड किया और यूट्यूब पर साढ़े छह मिनट का वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में सजल ने स्पष्ट किया कि वह यह वीडियो इसलिए बना रहा है ताकि उसके आत्महत्या के पीछे अफवाहें न फैले।

सजल ने वीडियो में कहा:

“मम्मी-पापा, आई एम रियली सॉरी। आपको बुरा लगेगा, चोट पहुंचेगी लेकिन मैं अब हार गया। आपने मेरे लिए सब कुछ किया, कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी, लेकिन मैं मानसिक रूप से इतना मजबूत नहीं हूं कि इस गंभीर बीमारी से और लड़ सकूं।”

सजल ने बताया कि वह हड्डियों की गंभीर बीमारी से पीड़ित था और लगातार अस्पताल, इंजेक्शन और इलाज के चक्कर से थक चुका था। यही कारण था कि उसका अभिनय का सपना अधूरा रह गया और लगातार दर्द ने उसे मानसिक रूप से कमजोर कर दिया।

परिवार और व्यक्तिगत जीवन

सजल के पिता राहुल जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला कार्यवाह हैं, जबकि उनकी मां गोपेश्वर कॉलेज में प्राध्यापक हैं। सजल ऑनलाइन MBA की तैयारी कर रहा था और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भी रुचि रखता था। सजल का स्वभाव सौम्य था और वह पढ़ाई में तेज था। सजल पहले अपने यूट्यूब चैनल पर काफी सक्रिय रहता था। उसने अब तक 63 इनफॉरमेटिव और एजुकेशनल वीडियो अपलोड किए थे और उसके चैनल के 8,000 से अधिक सब्सक्राइबर थे। बीमारी बढ़ने के बाद उसने कंटेंट बनाना लगभग बंद कर दिया।

पुलिस जांच और प्रारंभिक जानकारी

एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि मृतक युवक की पहचान सजल जोशी पुत्र राहुल जोशी निवासी हीरानगर के रूप में हुई है। प्रारंभिक रूप से यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस घटना की विस्तृत जांच कर रही है। पार्षद शैलेंद्र दानू ने आशंका जताई कि आत्महत्या में प्रयुक्त चाकू संभवतः ऑनलाइन मंगाया गया था। यह घटना केवल एक व्यक्तिगत दुख की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर बीमारी से जूझते युवाओं की भावनाओं और संघर्ष की याद दिलाती है। समाज और परिवार को चाहिए कि ऐसे मामलों में समय पर समर्थन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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