राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का आरोप: विपक्ष बीजेपी नेताओं को अपमानित कर रहा है
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने हाल ही में कहा कि विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, लगातार बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपमानित करने का काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में विपक्ष जिस प्रकार का माहौल बना रहा है, वह राजनीति में काम करने वाले लोगों के लिए मानसिक रूप से पीड़ादायक है।
बंसल ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी प्रकार की जांच से न तो डरती है और न ही बचती है।
किसी भी जांच से सरकार नहीं पीछे हटेगी
नरेश बंसल ने बताया कि कोर्ट ने SIT की जांच को सही ठहराया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो और वीडियो के आधार पर सीबीआई जांच की मांग उठ रही है। इस पर बंसल ने कहा कि जिन लोगों के पास ये तथाकथित सबूत हैं, वे अब तक सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रामाणिक साक्ष्य मिलते हैं, तो सरकार किसी भी जांच को कराने से पीछे नहीं हटेगी।
बंसल ने यह भी कहा कि केवल अफवाह फैलाकर तुष्टिकरण की राजनीति करना निंदनीय है और इससे राजनीतिक माहौल बिगड़ता है।
पूर्व भाजपा प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत पर बंसल की प्रतिक्रिया
पूर्व भाजपा प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की सिफारिश करने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेश बंसल ने कहा कि राजनीतिक दलों में हर व्यक्ति की अपनी राय होती है। लेकिन पूरे मामले में संगठन और सरकार सही दिशा में काम कर रही हैं।
विपक्ष पर गंभीर आरोप
नरेश बंसल ने विपक्ष से सवाल किया कि यह आंदोलन बेटी अंकिता को न्याय दिलाने के लिए है या बीजेपी कार्यकर्ताओं के घरों पर अराजकता फैलाने के लिए? उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में भाजपा नेता संजेव वर्मा के घर की छत पर चढ़कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा झंडा फहराने और पोस्टर फाड़ने की घटना, साथ ही परिवार को घर जलाने की धमकी, विपक्ष की मंशा को दर्शाती है। बंसल के अनुसार यह अराजकता फैलाने का स्पष्ट उदाहरण है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में छोड़कर चले गए बंसल
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने लगातार सवाल पूछने शुरू किए, तो नरेश बंसल ने सवालों का जवाब देने से बचते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़ दी। उन्होंने कहा, “मैं तो झेल लूंगा सबको, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह साफ है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप और तेज होते जा रहे हैं।