तीर्थनगरी ऋषिकेश के शिवाजी नगर इलाके में शनिवार देर रात हुई महिला की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एम्स ऋषिकेश में सहायिका के पद पर तैनात प्रीति रावत की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच और मृतका के पिता की तहरीर के बाद इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग, तलाक और लाखों की संपत्ति के विवाद की एक उलझी हुई कहानी सामने आई है।
क्या है पूरी घटना?
शिवाजी नगर की गली नंबर 11 में किराये पर रह रही प्रीति रावत (जो कि तलाकशुदा थीं) पर शनिवार रात अज्ञात हमलावर ने तब गोली चलाई जब वह अपने घर में अकेली थीं। मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के पिता बच्चन सिंह रावत ने कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर देकर सुरेश गुप्ता नाम के व्यक्ति को नामजद किया है।
प्रेम से अपराध तक का सफर: जांच में हुए बड़े खुलासे
पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेश और प्रीति के बीच कोरोना काल से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस रिश्ते के कारण सुरेश के वैवाहिक जीवन में कलह शुरू हुई, जिसके बाद सुरेश ने करीब 4 महीने पहले अपनी पत्नी से तलाक ले लिया था।
हत्या की मुख्य वजहें जो जांच में उभरीं:
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पैतृक संपत्ति बेचना: प्रीति ऋषिकेश में मकान खरीदना चाहती थी, जिसके लिए सुरेश ने लक्सर (हरिद्वार) स्थित अपनी पैतृक जमीन करीब 35 लाख रुपये में बेच दी थी।
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मानसिक तनाव और अवसाद: जमीन बेचने के बाद भी ऋषिकेश में मनचाही संपत्ति नहीं मिल पाने और शादी को लेकर बढ़ते दबाव के कारण सुरेश गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में चला गया था।
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मनमुटाव: संपत्ति की रकम और भविष्य की अनिश्चितता को लेकर दोनों के बीच हाल के दिनों में काफी विवाद बढ़ गया था।
पुलिस की कार्रवाई और टीमें गठित
एसएसपी देहरादून ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस आरोपी सुरेश गुप्ता के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का मानना है कि मानसिक अवसाद और संपत्ति के विवाद में उलझकर आरोपी ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।