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सतपुली के पास पहाड़ी पर लटके मौत के बोल्डर, रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक हाईवे पर पहरा।

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी सूचना है। पौड़ी जिले के गुमखाल और सतपुली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना अब रात के समय खतरनाक हो सकता है। सतपुली मल्ली के पास भू-धंसाव (Landslide) के चलते पहाड़ी पर कई भारी और विशालकाय पत्थर (बोल्डर्स) लटक गए हैं। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने 2 फरवरी से 5 फरवरी 2026 तक हाईवे पर रात्रिकालीन प्रतिबंध लगा दिया है।

 रात्रिकालीन शटडाउन का समय और उद्देश्य

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनएच (NH) खंड और कार्यदायी एजेंसी ने रात के वक्त बोल्डरों को हटाने का निर्णय लिया है।

  • अवधि: 2 फरवरी से 5 फरवरी तक।

  • समय: रात 9:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक हाईवे पूरी तरह बंद रहेगा।

  • दिन की स्थिति: राहत की बात यह है कि दिन के समय यातायात सामान्य रूप से जारी रहेगा।

करीब 10 दिन पहले भी इसी स्थान पर भारी बोल्डर गिरने से रास्ता 3 दिनों तक बंद रहा था। उस दौरान स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस सेवाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। प्रशासन इस बार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

 वैकल्पिक मार्ग: बढ़ जाएगी 43 किलोमीटर की दूरी

हाईवे बंद रहने के दौरान रात में सफर करने वालों को डायवर्टेड रूट का सहारा लेना होगा:

  • वैकल्पिक रास्ता: यात्रियों को अब सतपुली–कांडाखाल–सिसल्डी–डेरियाखाल मार्ग से होकर जाना होगा।

  • अतिरिक्त भार: इस रूट से कोटद्वार जाने पर दूरी 54 किमी के बजाय 97 किमी हो जाएगी। यानी यात्रियों को 43 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जिससे समय और पेट्रोल दोनों का खर्च बढ़ेगा।

भविष्य की राह: चौड़ीकरण से चमकेगा पर्यटन

अस्थाई असुविधा के बीच एक अच्छी खबर यह भी है कि कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। गुमखाल बाजार से लेकर गहड़ गांव तक पहाड़ की कटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। सड़क चौड़ी होने के बाद लैंसडौन, सतपुली और पौड़ी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।

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