पंजाब की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच छिड़ी जुबानी जंग ने अब कांग्रेस बनाम भाजपा के ‘महायुद्ध’ का रूप ले लिया है। राहुल गांधी द्वारा बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने और बदले में बिट्टू द्वारा राहुल को ‘देश का दुश्मन’ बताने के बाद दोनों दलों के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस का वार: पुराने वीडियो बने ‘हथियार’
कांग्रेस ने रवनीत बिट्टू के उन दिनों की याद दिलाई है जब वे राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते थे।
-
प्रताप सिंह बाजवा का प्रहार: पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने बिट्टू का एक पुराना वीडियो साझा किया। इस वीडियो में बिट्टू गर्व से कह रहे हैं कि उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर ही केसरी पगड़ी पहनना शुरू किया था।
-
राजा वड़िंग का हमला: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बिट्टू के उन वीडियो को सार्वजनिक किया, जिनमें वे किसान आंदोलन के दौरान भाजपा को जमकर कोस रहे थे। वड़िंग ने कहा कि जो व्यक्ति राहुल गांधी की उंगली पकड़कर राजनीति में आया, आज उन्हीं को अपशब्द कहना उसकी ‘गद्दारी’ का सबसे बड़ा प्रमाण है।
भाजपा का बचाव: ‘सिख अस्मिता’ और 1984 का दांव
जैसे ही कांग्रेस ने बिट्टू को घेरा, भाजपा भी पूरी ताकत के साथ अपने मंत्री के बचाव में उतर आई।
-
अश्वनी शर्मा का पलटवार: भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा ने इसे एक ‘पंजाबी सिख’ का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार की राजनीति हमेशा से पंजाब विरोधी रही है।
-
इतिहास की याद दिलाई: भाजपा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों और श्री अकाल तख्त साहिब पर हमले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पंजाब को सिर्फ जख्म दिए हैं और अब एक उभरते पंजाबी नेता को निशाना बनाकर अपनी असली सोच उजागर कर दी है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि रवनीत बिट्टू, जो कभी राहुल गांधी के ‘कोर ग्रुप’ का हिस्सा थे, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि वे लुधियाना से चुनाव हार गए, लेकिन भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी, जिसे कांग्रेस ‘सौदेबाजी’ करार दे रही है।