भारत-पाक सीमा के करीब दुरंगला पुलिस पोस्ट पर एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की नृशंस हत्या के मामले में सोमवार को कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। एक तरफ पाकिस्तानी वांछित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नाम से हत्या का खौफनाक वीडियो वायरल हुआ, तो दूसरी तरफ लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस घटना का बदला लेने का ऐलान कर दिया है। पंजाब सरकार ने शहीदों के परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
1. खौफनाक ‘डेथ वीडियो’ और भट्टी का रहस्यमयी ऑडियो
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वीडियो: वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एएसआई गुरनाम सिंह अपनी कुर्सी पर नींद की अवस्था में थे, तभी एक हमलावर ने पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से उनके सिर में गोली मार दी। दूसरा हमलावर इस पूरी वारदात को कैमरे में कैद कर रहा था।
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ऑडियो: शाम होते ही शहजाद भट्टी का एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उसने इस हमले पर ‘अफसोस’ जताते हुए खुद को इससे अलग बताया। उसने पंजाब पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ों का आरोप लगाया। हालांकि, पुलिस ने अभी इन वायरल सामग्रियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
2. लॉरेंस गैंग की ‘बदला’ पोस्ट और हाई अलर्ट
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली है, जिसमें उसने शहीदों को “ईमानदार अफसर” बताते हुए आतंकियों से बदला लेने की बात कही है। इस पोस्ट के बाद सीमावर्ती जिलों, विशेषकर अमृतसर के अजनाला और गुरदासपुर में नाकाबंदी सख्त कर दी गई है।
3. ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ का दावा और जांच
घटना के तुरंत बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम के एक संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेने वाला पोस्टर वायरल किया। एसएसपी आदित्य के अनुसार, पंजाब में ऐसे किसी संगठन की सक्रियता के प्रमाण नहीं हैं, लेकिन पोस्टर की गहराई से जांच की जा रही है।
4. सरकार की बड़ी घोषणा: शहीदों को सम्मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना पर दुख जताते हुए घोषणा की है कि:
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एक्सग्रेशिया: पंजाब सरकार दोनों शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देगी।
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बीमा लाभ: एचडीएफसी बैंक की ओर से भी परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बीमा राशि मिलेगी।
5. राजनीतिक हलचल: पीएम मोदी को पत्र
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले की केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों की चर्चाओं के बीच आधिकारिक बयान न आने से जनता में भय का माहौल है।