अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मुख्यमंत्री आवास में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर प्रदेशवासियों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए तथा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग एक ऐसा माध्यम है जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और कल्याण का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में योग को वैश्विक मंच पर नई पहचान और सम्मान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री के प्रयासों का ही परिणाम है कि आज विश्व के अनेक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और सहभागिता के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आत्मानुशासन को भी मजबूत करता है। योग मनुष्य को सकारात्मक सोच, संतुलित जीवनशैली और आंतरिक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे वह जीवन की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को तनाव, चिंता और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और व्यक्ति अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं होना चाहिए, बल्कि योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों से योग को अपनाने और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग और अध्यात्म की भूमि है तथा यहां की प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत योग संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग के माध्यम से स्वस्थ उत्तराखंड और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सभी से योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।