उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है और निर्वाचन विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा हुआ है। सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने अभियान की प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेशभर में अब तक लगभग 98 प्रतिशत गणना फार्म मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। इसके साथ ही करीब 23 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन भी पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि राज्य के कई जिलों में गणना फार्म वितरण का कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में पहुंच चुका है। चम्पावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक फार्म वितरित किए जा चुके हैं। वहीं राजधानी देहरादून में लगभग 95 प्रतिशत, नैनीताल में 96 प्रतिशत तथा टिहरी जिले में 97 प्रतिशत फार्मों का वितरण किया जा चुका है। निर्वाचन विभाग लगातार शेष मतदाताओं तक पहुंचकर अभियान को सफल बनाने में जुटा हुआ है।
डिजिटाइजेशन के मामले में अल्मोड़ा जिला प्रदेश में सबसे आगे चल रहा है, जहां अब तक 33 प्रतिशत गणना फार्म ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल में 25 प्रतिशत और पिथौरागढ़ में 23 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। हालांकि देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जैसे बड़े और अधिक जनसंख्या वाले जिलों में डिजिटाइजेशन की गति अपेक्षाकृत धीमी बताई गई है। अधिकारियों ने इन जिलों में कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभियान को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेशभर में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा 22,900 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग करेंगे। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी, जिसमें अभियान की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
निर्वाचन विभाग ने SIR कार्यक्रम की आगामी समय-सारिणी भी जारी की है। इसके अनुसार 7 जुलाई तक गणना फार्मों का वितरण और संकलन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद बूथों के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 14 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक नागरिक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा, जबकि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने डिजिटल सेवाओं को भी मजबूत किया है। अब मतदाता ECI Net App के माध्यम से स्वयं अपना गणना फार्म भर सकते हैं। इसके अलावा “Book a Call with BLO” फीचर के जरिए मतदाता सीधे अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम बनने की उम्मीद है।
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मतदाता अपने नाम, पिता या पति के नाम, विधानसभा क्षेत्र अथवा मोहल्ले के आधार पर पुराने रिकॉर्ड आसानी से खोज सकते हैं। इससे पुराने मतदाता रिकॉर्ड के सत्यापन और पहचान में काफी सहायता मिलेगी।
निर्वाचन विभाग का मानना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। इससे आगामी चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। विभाग ने सभी नागरिकों से समय रहते अपने विवरणों का सत्यापन कराने और अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की है।