अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के धन और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा, आरएसएस और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निशाने पर लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि आस्था से जुड़े इस विषय में किसी भी प्रकार की अनियमितता देश की करोड़ों जनता की भावनाओं से जुड़ा मामला है।
प्रेस वार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण को अपनी सरकार और भाजपा की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है। ऐसे में यदि मंदिर से जुड़े चढ़ावे या वित्तीय लेन-देन में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रभु श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ प्राप्त किया और अब उसी आस्था के नाम पर उठ रहे सवालों पर चुप्पी साधी हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में जो आरोप सामने आ रहे हैं, वे बेहद गंभीर हैं और उनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मामले को सीमित दायरे में रखने का प्रयास कर सकती है। कांग्रेस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष एजेंसी अथवा न्यायिक निगरानी में कराई जानी चाहिए।
आलोक शर्मा ने यह भी दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों ने भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद भाजपा और आरएसएस इस विषय पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि खरीद मामलों में अनियमितताओं के आरोप लगे थे, लेकिन उन मामलों की जांच और कार्रवाई की स्थिति अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
कांग्रेस नेता ने मंदिर निर्माण कार्यों से जुड़े एक पूर्व इंजीनियर द्वारा लगाए गए कथित कमीशनखोरी के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इन मुद्दों को सामने लाने का प्रयास कर रहे थे, उन्हें ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यदि इन दावों में सच्चाई है तो पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आलोक शर्मा ने सवाल उठाया कि देशभर में भाजपा और आरएसएस के नए और भव्य कार्यालयों के निर्माण में इस्तेमाल किए गए धन के स्रोतों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के मन में उठ रहे संदेहों को दूर करने के लिए सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है।
कांग्रेस ने मांग की है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए और कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं। साथ ही मंदिर से जुड़े सभी बैंक खातों का विवरण, चढ़ावे का रिकॉर्ड और संबंधित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। पार्टी ने पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग भी उठाई है।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।