देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के साथ अभद्रता किए जाने का मामला सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत प्रदेशभर में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और सूची पुनरीक्षण का कार्य कर रहे हैं। इसी दौरान देहरादून में एक BLO के साथ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किए जाने की सूचना निर्वाचन विभाग को मिली। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि प्रदेश के किसी भी हिस्से में चुनावी कार्य में लगे BLO या अन्य फील्ड स्टाफ के साथ अभद्रता, धमकी या कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान महत्वपूर्ण चरण में है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी और अन्य फील्ड कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में लगातार मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अभद्रता या दुर्व्यवहार न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न करता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। इस कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग सुनिश्चित करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्टाफ को आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए ताकि अभियान सुचारू रूप से संचालित हो सके।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी मतदाताओं और नागरिकों से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगे BLO और अन्य कर्मचारियों का सहयोग करें तथा मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने या सरकारी कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।