देहरादून में वर्ष 2022 में हुए एक सड़क हादसे में घायल हुए किशोर की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। अदालत के निर्देश के बाद नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने इलाज के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही के आरोप में पांच डॉक्टरों और एक निजी अस्पताल के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मैनपाल के 15 वर्षीय बेटे का 3 जुलाई 2022 को सड़क हादसा हो गया था। दुर्घटना में उसके दाएं हाथ और दाएं गुर्दे में गंभीर चोटें आई थीं। हादसे के बाद उसे देहरादून के रिस्पना पुल क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद कई घंटों तक ऑपरेशन नहीं किया गया। पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का इंतजार किया जा रहा है।
गलत किडनी का ऑपरेशन करने का आरोप
परिवार का आरोप है कि 4 जुलाई को किशोर के दाएं हाथ का ऑपरेशन किया गया, लेकिन अगले दिन दाएं गुर्दे की चोट का इलाज करने के बजाय कथित रूप से बाएं गुर्दे पर सर्जरी कर दी गई। उनका कहना है कि इस कथित गलती के बाद किशोर की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए डिस्चार्ज की मांग की थी, लेकिन तत्काल अनुमति नहीं दी गई। बाद में 8 जुलाई को हालत गंभीर होने पर किशोर को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
चार साल बाद कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद पंचम अपर सिविल जज भारती मंगलानी ने नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने क्या कहा?
नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि अदालत के निर्देशों के अनुसार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।