देहरादून:- नेपाल में आई आपदा के बाद वहां गए कई लोगों के परिजन और परिचितों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल में फंसे या लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए उत्तराखंड के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और विभिन्न जिलों के हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार संपर्क किया जा रहा है। अब तक छह फोन कॉल के जरिए आठ लोगों के बारे में जानकारी राज्य कंट्रोल रूम तक पहुंची है। उत्तराखंड आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि हेल्पलाइन पर मिली सूचनाओं को गृह मंत्रालय के साथ साझा किया जा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से केंद्र सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि नेपाल में लापता बताए जा रहे लोगों के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा सके।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए लोगों से नहीं हो रहा संपर्क
हेल्पलाइन पर मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई निवासी राहुल पुरोहित ने बताया कि अमेरिका में रहने वाले उनके परिचित जिगनेश मर्चेंट और तेजल मर्चेंट नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। वहीं, हरिद्वार निवासी अंकित शर्मा ने बताया कि उनके मैनेजर के मामा रामरमन और मामी एआरके रमन, जो मुंबई के रहने वाले हैं, एक ट्रैवल कंपनी के माध्यम से नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। उनसे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नेपाल बॉर्डर से वीना कुलकर्णी लापता
पिथौरागढ़ के धारचूला निवासी रवि रंजन ने भी एक महिला के लापता होने की सूचना दी है। उनके मुताबिक, उनके मैनेजर की बहन वीना कुलकर्णी, जो मुंबई की रहने वाली हैं, नेपाल के तेमूर बॉर्डर क्षेत्र से लापता हैं। गुड़गांव निवासी निधि शर्मा ने भी अपने दोस्त के पति पंकज नाथ, जो लंदन में रहते हैं, के नेपाल में आई आपदा के बाद लापता होने की जानकारी दी है। इसके अलावा उत्तरकाशी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को सूचना मिली है कि कनाडा निवासी मोहित कौशिक भी नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
आठ लोगों में तीन उत्तराखंड के बताए गए
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, हेल्पलाइन पर अब तक मिली छह कॉल में कुल आठ लोगों की जानकारी दी गई है। इनमें तीन उत्तराखंड, दो अमेरिका, एक कनाडा और दो मुंबई के निवासी बताए गए हैं। इन लोगों के परिवार के सदस्यों या करीबी परिचितों ने उत्तराखंड की हेल्पलाइन पर संपर्क किया है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी भेजी जा रही है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है कि नेपाल में फंसे लोगों में कोई उत्तराखंड का निवासी भी शामिल है।
ब्रिटिश नागरिक मीना गुप्ता की भी तलाश
नेपाल में आई आपदा के बीच एक ब्रिटिश नागरिक मीना गुप्ता के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। उनकी तलाश में मदद के लिए धारचूला के प्रधान संगठन के अध्यक्ष चंचल धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क किया है। चंचल धामी के अनुसार, मीना गुप्ता के भाई संजीवनी गुप्ता पहले धारचूला स्थित एनएचपीसी में कार्यरत थे, इसी दौरान उनसे परिचय हुआ था। बताया गया है कि मीना गुप्ता हाल में नेपाल में ईशा फाउंडेशन के साथ एक समूह में गई थीं। इस समूह में कुल 77 सदस्य शामिल थे। जानकारी के अनुसार, मीना गुप्ता की अपनी मां से 25 अगस्त को जीरॉन्ग इमीग्रेशन सेंटर से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका। परिवार ने अब उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग से उनकी तलाश में सहायता मांगी है।
उत्तराखंड में भी मौसम को लेकर अलर्ट
नेपाल में राहत और तलाश अभियान के बीच उत्तराखंड में भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में मौसम खराब रहने की संभावना है। 29 अगस्त को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 30 अगस्त को सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट है। वहीं 31 अगस्त को चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 1 सितंबर को देहरादून और टिहरी के लिए ऑरेंज अलर्ट है। मौसम की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों को एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।