लुधियाना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के विरोध में दलित और वाल्मीकि समाज की ओर से आज जालंधर और होशियारपुर बंद का आह्वान किया गया। बंद का असर जालंधर में सुबह से ही दिखाई देने लगा और शहर के कई प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रहीं। जालंधर के रैनक बाजार, पटेल चौक और मंडी फेंटनगंज समेत कई इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि शहर के सभी बाजार पूरी तरह बंद नहीं रहे और कुछ स्थानों पर दुकानें, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले भी दिखाई दिए। बंद के दौरान शहर में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके और यातायात व्यवस्था बनी रहे।
प्रदर्शनकारी सुबह भगवान वाल्मीकि चौक पर एकत्र हुए। यहां से प्रदर्शनकारी रैली के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक की ओर रवाना हुए और रास्ते में खुले बाजारों में दुकानदारों से बंद में सहयोग करने की अपील की। कंपनी बाग चौक समेत शहर के कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग सड़कों पर दिखाई दिए और प्रतिमा के अपमान के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान ज्योति चौक पर एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। प्रदर्शनकारियों और मौके पर मौजूद लोगों की मदद से एंबुलेंस को कुछ देर बाद वहां से निकाल दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है। बंद का समय शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है। भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना पंजाब के अध्यक्ष राजीव गोरा और भीम क्रांति सेना के अध्यक्ष गौरव वाल्मीकि ने कहा कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। संगठनों के नेताओं ने कहा कि आम लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए हाईवे को जाम नहीं किया गया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार और प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाना है, न कि आम जनता के लिए अनावश्यक परेशानी पैदा करना।
मेडिकल स्टोर और अस्पताल जैसी आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। इसके अलावा बच्चों की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद नहीं करवाए गए हैं। जालंधर में फिलहाल यातायात की आवाजाही सामान्य बताई जा रही है। हालांकि प्रदर्शन और रैली के कारण कुछ स्थानों पर थोड़ी देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन बड़े स्तर पर हाईवे बंद नहीं किए गए। बंद के दौरान भगवान वाल्मीकि चौक के पास एक शराब का ठेका खुला दिखाई दिया। वहीं गुरु नानक मिशन चौक पर कुछ शोरूम और डी-मार्ट स्टोर भी खुले रहे। इससे साफ है कि शहर में बंद का असर सभी इलाकों में एक जैसा नहीं रहा। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान का मामला गंभीर है। उनका कहना है कि जब तक मामले में उचित और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक समाज की ओर से विरोध जारी रहेगा। दलित और वाल्मीकि समाज के नेताओं ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का अपमान समाज की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है और इस पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जालंधर में बंद के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रमुख चौराहों और बाजारों में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। वहीं, बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को जारी रखने और स्कूल-कॉलेजों को परीक्षाओं के चलते खुले रखने का फैसला लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। फिलहाल शहर में स्थिति नियंत्रण में है और प्रदर्शनकारी शाम 5 बजे तक बंद जारी रखने की बात कह रहे हैं।