Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

Zubeen Garg: ‘या अली’ से मिली थी देशभर में पहचान, पहली बरसी पर याद किए गए जुबीन गर्ग

गुवाहाटी: असम के लोकप्रिय गायक, संगीतकार और कंपोजर जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर शनिवार को सोनापुर में बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक जुटे। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में बनाए गए अस्थायी स्मारक स्थल पर फैंस के साथ परिवार के सदस्य, कलाकार और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) के सदस्य भी पहुंचे। लोगों ने जुबीन गर्ग के लोकप्रिय गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी संगीत विरासत को याद किया।

जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने की मांग

श्रद्धांजलि सभा के दौरान जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय की मांग भी उठी। एएएसयू के मुख्य सलाहकार डॉ. समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि यह सभा गायक को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग की मौत को एक साल बीत चुका है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। एएएसयू के अध्यक्ष उत्पल शर्मा ने भी जुबीन गर्ग की कला और सामाजिक सरोकारों को याद किया। उन्होंने कहा कि गर्ग ने अपने संगीत और मंच का इस्तेमाल सामाजिक मुद्दों को सामने रखने के लिए किया था। उन्होंने असम की आने वाली पीढ़ियों से जुबीन गर्ग की कला और उनकी विरासत को याद रखने की अपील की।

असम सरकार ने आयोजित किया तीन दिवसीय कार्यक्रम

जुबीन गर्ग की स्मृति में असम सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से भी तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गुरुवार से शुरू हुआ और शनिवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम के जरिए सरकार ने गायक की संगीत यात्रा और असम की संस्कृति में उनके योगदान को याद किया।

19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुआ था निधन

जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में हुआ था। वह ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में प्रस्तुति देने वाले थे, लेकिन कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर से असम समेत पूरे नॉर्थईस्ट में शोक की लहर दौड़ गई थी। एक साल बाद उनकी पहली बरसी पर बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

‘या अली’ से देशभर में मिली पहचान

जुबीन गर्ग ने गायक, कंपोजर और म्यूजिशियन के तौर पर लंबे समय तक काम किया और कई भाषाओं में हजारों गाने रिकॉर्ड किए। हालांकि, 2006 में रिलीज हुई हिंदी फिल्म ‘गैंगस्टर’ के गीत ‘या अली’ ने उन्हें असम के बाहर भी बड़ी पहचान दिलाई। उनकी आवाज और संगीत को देशभर में पसंद किया गया और वे हिंदी फिल्म संगीत के साथ-साथ क्षेत्रीय संगीत जगत में भी चर्चित नाम बने।

असमिया संगीत और संस्कृति से गहरा जुड़ाव

जुबीन गर्ग का पूरा करियर असमिया संगीत और संस्कृति से गहराई से जुड़ा रहा। उनके संगीत में पारंपरिक असमिया धुनों और आधुनिक संगीत का मिश्रण देखने को मिलता था। इसी खास शैली ने उन्हें नॉर्थईस्ट की प्रमुख संगीत आवाजों में शामिल किया। उनके प्रशंसकों के लिए उनकी विरासत केवल उनके गानों तक सीमित नहीं है, बल्कि असम की संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से उनके जुड़ाव को भी इसका अहम हिस्सा माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *