केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देहरादून के परेड ग्राउंड से भाजपा के चुनावी अभियान को धार देते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। राज्य स्थापना दिवस के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मंच से उन्होंने उत्तराखंड के विकास, राज्य निर्माण के संघर्ष, समान नागरिक संहिता और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कई अहम बातें कहीं। अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए।
भारत माता और जय श्री राम के नारों से शुरू किया संबोधन
परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह देखने लायक रहा। अमित शाह ने भारत माता की जय और जय श्री राम के नारे लगवाकर अपने संबोधन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड की जनता को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित मंच पर मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए प्रदेश की जनता के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उत्तराखंड में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने का दावा
अपने संबोधन में अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के उत्तराखंड आने-जाने से प्रदेश की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। उन्होंने जनता से विकास और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फैसला लेने की अपील की। शाह ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह तय करना है कि उसे विकास को प्राथमिकता देने वाली सरकार चाहिए या फिर कांग्रेस की सरकार। उनके इस बयान को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। 2047 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का संकल्प
अमित शाह ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इस लक्ष्य में उत्तराखंड को देश के सबसे पहले विकसित राज्यों में शामिल कराने के लिए प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य के गठन का ऐतिहासिक फैसला लिया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शाह ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड में सड़क, कनेक्टिविटी, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। राज्य निर्माण के संघर्ष को लेकर कांग्रेस और सपा पर हमला
उत्तराखंड राज्य के गठन के इतिहास का जिक्र करते हुए अमित शाह ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों ने अलग राज्य की मांग को लेकर लंबे समय तक संघर्ष किया था।
शाह ने आरोप लगाया कि राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों को संघर्ष और अत्याचार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में सपा और कांग्रेस की भूमिका को प्रदेश की जनता भूली नहीं है। उनके मुताबिक, अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य बनाने का निर्णय लेकर यहां के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की। इस बयान के जरिए उन्होंने भाजपा को उत्तराखंड राज्य निर्माण का श्रेय देते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक निशाना साधा। 1508 करोड़ के 63 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
जनसभा के दौरान अमित शाह ने प्रदेश में चल रही विकास गतिविधियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में करीब 1508 करोड़ रुपये की लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने की जानकारी दी। कार्यक्रम में 15 लोगों को उत्तराखंड गौरव सम्मान, 6 लोगों को बाल वीरता पुरस्कार और 2 लोगों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिए जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के लोगों का साहस, परिश्रम और देश के प्रति समर्पण भी प्रदेश की बड़ी ताकत है। अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया, पीएम मोदी उत्तराखंड को संवार रहे हैं
अमित शाह ने देवभूमि के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड का देश की आध्यात्मिक परंपरा में विशेष स्थान है। उन्होंने अपने गुजरात से जुड़े संदर्भ का जिक्र करते हुए चारधाम यात्रा की धार्मिक मान्यताओं पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती देवभूमि है और यहां के चारधाम देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। शाह ने दोहराया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य गठन का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को विकसित और आधुनिक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
समान नागरिक संहिता को लेकर भी दिया बड़ा बयान
अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी UCC का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
शाह ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक और अन्य पारिवारिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने बहुविवाह और तीन तलाक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा समान नागरिक संहिता की व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने की पक्षधर है। उत्तराखंड में UCC लागू होने को उन्होंने राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया।
2027 के चुनाव से पहले भाजपा ने दिखाया दम
अमित शाह की इस जनसभा को केवल राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा है। उत्तराखंड में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले भाजपा ने देहरादून के परेड ग्राउंड से अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश की है। एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं का जिक्र किया गया, तो दूसरी तरफ कांग्रेस को निशाने पर रखकर चुनावी माहौल बनाने का प्रयास भी नजर आया। अब देखना होगा कि अमित शाह के इस संबोधन का प्रदेश की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव पर कितना असर पड़ता है।