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बिहार सरकार का बड़ा कदम, 33,893 शिक्षकों को नीतीश कुमार की योजना से मिलेगा फायदा

सक्षमता परीक्षा में पास होने के बाद भी जिन शिक्षकों का किसी न किसी कारण से काउंसलिंग नहीं पाया, वैसे काउंसलिंग से वंचित 33893 शिक्षकों को सरकार एक बार फिर से मौका दे रही है, ताकि वह अपना काउंसलिंग करा सकें। इस बात का निर्णय माध्यमिक शिक्षा के निदेशक की अध्यक्षता में 15 अगस्त 2024 को किये गये  बैठक में लिया गया है। बैठक में नोडल पदाधिकारी विभागीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा जिलों में 13 सितंबर तक संपन्न काउंसलिंग का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 1,87,818 अभ्यर्थियों का काउंसलिंग किया जाना था, लेकिन काउंसलिंग में 1,84,452 अभ्यर्थी ही उपस्थित हो पाए। शेष 3366 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

उपस्थित 1,84,452 अभ्यर्थियों में से 1,73,527 अभ्यर्थियों का काउंसलिंग हो पाया। शेष 10,925 अभ्यर्थियों का काउंसिल नहीं हो पाया। काउंसलिंग नहीं हो पाने की वजह यह है कि उन अभ्यर्थियों में 10219 अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन तो हुआ लेकिन उनका आधार मिसमैच हो गया। 32 शिक्षक अभ्यर्थियों के आधार का सत्यापन हुआ, लेकिन उनके बायोमेट्रिक का मिलान नहीं हो पाया। 239 शिक्षक अभ्यर्थियों का न तो आधार मिला और न ही बायोमेट्रिक का सत्यापन हो पाया। 311 ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी हैं जिनका बायोमेट्रिक और आधार सत्यापित हुआ लेकिन मोबाइल नहीं रहने के कारण ओटीपी नहीं जा सका। 124 ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी हैं, जिनका बायोमेट्रिक और आधार सत्यापित हो गया लेकिन प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं हो पाया।

33,893 अभ्यर्थियों के लिए लिया गया निर्णय 
 13 सितंबर तक जिन 1,73,527 अभ्यर्थियों का काउंसलिंग हुआ उनमें से कुल 1,39,634 शिक्षक अभ्यर्थियों का काउंसलिंग सफलतापूर्वक हो गया। शेष 33,893 अभ्यर्थियों का काउंसलिंग कार्य सफल नहीं हो पाया। इस संदर्भ में बैठक में उपस्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पदाधिकारियों, विभागीय पदाधिकारी एवं समिति द्वारा चयनित परीक्षा एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ऐसे 3366 शिक्षक अभ्यर्थी जो काउंसलिंग में अनुपस्थित रहे उन्हें काउंसलिंग के लिए पुनः अवसर प्रदान किये जाए। साथ ही 124 ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी जिनका बायोमेट्रिक एवं आधार सत्यापित होने के बावजूद प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं हो पाया है उनको भी काउंसलिंग के लिए बुलाया जाए। ऐसे 311 शिक्षक अभ्यर्थी जिनका बायोमेट्रिक एवं आधार दोनों सत्यापित हुआ परंतु मोबाइल नहीं रहने के कारण ओटीपी नहीं जा पाया उनको भी काउंसलिंग के लिए बुलाया जाए। ऐसे 32 शिक्षक अभ्यर्थी जिनके आधार सत्यापित हुए परंतु बायोमेट्रिक नहीं हो पाया तथा 239 ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी जिनका ना तो आधार और ना बायोमेट्रिक सत्यापित हुआ, उनके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मंतव्य प्राप्त होने पर निर्णय लिया जाएगा।
जानिए इस स्थिति में अभ्यर्थी क्या करें 
 ऐसे 10219 शिक्षक अभ्यर्थी जिनका काउंसलिंग के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ परंतु नाम में अंतर, जन्म तिथि में अंतर, आधार संख्या की गलत प्रविष्टि इत्यादि के कारण उनके आधार का सत्यापन नहीं हो पाया है, उनके संबंध में यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी जिन्हें नाम, जन्म तिथि, लिंग आधार संख्या एवं मोबाइल नंबर में परिवर्तन कराना है, वह इसके लिए अपने आवंटित जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देंगे।
इसके बाद यह होगी प्रक्रिया 
 अभ्यर्थी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा संशोधित नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार संख्या एवं मोबाइल नंबर की प्रविष्टि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर पर किया जाएगा एवं अभ्यर्थी द्वारा दिए गए आवेदन को भी अपलोड किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में आवेदन भरते  समय अंकित किए गए नाम जन्म तिथि लिंग आधार संख्या एवं मोबाइल नंबर सॉफ्टवेयर में यथावत रहेगा और इस पर किसी प्रकार की ओवरराइटिंग नहीं की जाएगी। इस प्रक्रिया के संपन्न होने पर संबंधित शिक्षक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जाएगा।
विभाग ऐसे करेगी काम 
 जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) द्वारा की गई कार्रवाई का सत्यापन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से किया जाएगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा उपयुक्त निर्णय के कार्यान्वयन  हेतु दिनांक 19 अक्टूबर तक सॉफ्टवेयर में आवश्यक प्रविष्टि कराकर विभाग को संसूचित किया जाएगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सॉफ्टवेयर में आवश्यक परिवर्तन अनुसूचित करने के उपरांत जिलों को आवश्यक निर्देश निर्गत किया जाएगा कि  30 अक्टूबर तक प्राप्त आवेदनों के आधार पर सॉफ्टवेयर में आवश्यक प्रविष्टि करना एवं इसका सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी शिक्षा का व्यक्ति के आधार में अंकित नाम के टाइटल एवं मैट्रिक प्रमाण पत्र में अंकित नाम के टाइटल में परिवर्तन होने के कारण आधार सत्यापित नहीं होने की स्थिति में शिक्षा का अभ्यर्थी द्वारा न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष दायर किया गया शपथ पत्र प्रस्तुत करने पर उनके नाम एवं टाइटल को सही मानते हुए आधार सत्यापन किया जाएगा।
कार्रवाई भी होगी 
 13 सितंबर तक जिलों में संपन्न काउंसलिंग में 33,893 ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी पाए गए जिनमें एक अथवा एक से अधिक प्रमाण पत्र में कोई ना कोई कमी पाई गई है। इन शिक्षक अभ्यर्थियों के संबंध में यह निर्णय लिया गया है कि ऐसे 96 शिक्षक अभ्यर्थी जिनका प्रमाण पत्र प्रथम दृष्टि में फेक पाया गया है, की सूची निकालकर मुख्यालय स्तर से गठित समिति द्वारा इन प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कराई जाएगी एवं फलाफल से शिक्षक अभ्यर्थी से संबंधित निदेशालय को अवगत कराया जाएगा संबंधित निदेशालय द्वारा अग्रतार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे 9996 शिक्षक अभ्यर्थी जो किसी न किसी प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत नहीं कर सके उन्हें इसके लिए पुनः अवसर प्रदान किया जाए। 23801 शिक्षक अभ्यर्थी जिनका एक या एक से अधिक प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया है ऐसे शिक्षक विद्यार्थियों के लिए सही प्रमाण पत्र अपलोड करने हेतु बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सॉफ्टवेयर में विकल्प प्रदान किया जाएगा। संबंधित अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में अपलोड किया गया प्रमाण पत्र यथावत रहेगा ताकि अभ्यर्थी द्वारा अपलोड किए गए दोनों प्रमाण पत्र को आवश्यकता अनुसार अवलोकन किया जा सके। उपरोक्त सभी कार्रवाई संपन्न होने के उपरांत इन शिक्षक अभ्यर्थियों के काउंसलिंग हेतु तिथि एवं स्लॉट का निर्धारण कर अलग से संसूचित किया जाएगा।

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