Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

CM पुष्कर सिंह धामी ने पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव” में की शिरकत , जाने किन विषोय में संवाद किया |

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को दिल्ली के चाणक्यपुरी में आयोजित पाञ्चजन्य मीडिया कॉन्क्लेव” में प्रतिभाग किया। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक एवं सामरिक संबंधी विषयों पर संवाद किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड चौमुखी विकास कर रहा है, सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो। उत्तराखण्ड में लॉ एंड ऑर्डर सम्बंधी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर राज्य पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है, अपराधियों के लिए उत्तराखण्ड में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरी बार मुख्य सेवक की शपथ ग्रहण के बाद पुलिस के द्वारा एक स्पेशल ड्राइव चलाई गई जिसके अंतर्गत उत्तराखण्ड में लोगों का री-वेरिफिकेशन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम धर्मांतरण के कानून को और अधिक सख्त करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यह अध्यात्म, धर्म और संस्कृति का केंद्र है। यहां औसतन हर परिवार में एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश सेवा के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में एक समान कानून लागू हेतु ड्राफ्ट तैयार करने के लिए हम एक कमेटी गठित करने वाले हैं। हम चाहते हैं कि देश के अन्य राज्य भी अपने-अपने राज्यों में कॉमन सिविल कोड लागू करें।
भू कानून संबंधी सवालों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है। जल्दी हम राज्य हित में इसपर कानून लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बहुत भिन्न है, राज्य का अधिकतम क्षेत्र पर्वतीय है, सरकार का प्रयास है कि राज्य में औद्योगीकरण विस्तार और रोजगार का भी ध्यान रखा जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *