उत्तराखंड में बेलगाम होते अपराध और चरमराती कानून-व्यवस्था के खिलाफ विपक्षी दल कांग्रेस ने आज राजधानी देहरादून की सड़कों पर अपनी ताकत का अहसास कराया। परेड ग्राउंड से शुरू हुए इस ‘लोकभवन कूच’ में हुजूम इस कदर उमड़ा कि पूरी राजधानी कांग्रेसमयी नजर आई। लगभग 15,000 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरकार के खिलाफ शंखनाद किया।
पुलिस के साथ तीखी झड़प और लाठीचार्ज का आरोप
कांग्रेस का यह जुलूस जैसे ही हाथीबड़कला पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोंक-झोंक शुरू हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बर्बरता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें एक कार्यकर्ता के सिर पर गंभीर चोट आई है। घायल कार्यकर्ता को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
इन प्रमुख मुद्दों पर घेरी सरकार
आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस का यह शक्ति प्रदर्शन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार की विफलताओं का ‘ब्लैक पेपर’ था। कांग्रेस ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को उठाया:
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय में देरी को लेकर सरकार पर कड़ा प्रहार।
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अपराध का ग्राफ: राजधानी में पिछले 15 दिनों में हुई 5 जघन्य हत्याओं का मुद्दा।
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महिला सुरक्षा: प्रदेश में बढ़ते महिला उत्पीड़न के मामलों पर चिंता।
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बेरोजगारी और भ्रष्टाचार: युवाओं की अनदेखी और भर्ती घोटालों पर वार।
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जंगली जानवरों का आतंक: पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार और अन्य जानवरों के बढ़ते हमलों से जनता में भय।
विपक्ष की कड़े तेवर और मांगें
प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि देहरादून में दिनदहाड़े हो रही हत्याओं ने आम नागरिक को असुरक्षित कर दिया है। विपक्ष ने मांग की है कि:
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अपराध-प्रवण क्षेत्रों में पुलिस तुरंत विशेष अभियान चलाए।
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संगठित गिरोहों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई हो।
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गंभीर अपराधों की समयबद्ध (Time-bound) और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
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लापरवाह पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं आया, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप धारण करेगा।