: देवभूमि उत्तराखंड के महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और न्यायालयों को निशाना बनाने की धमकियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नैनीताल और उत्तरकाशी के बाद अब नई टिहरी जिला न्यायालय और कलक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसने सुरक्षा महकमे की नींद उड़ा दी है।
सिलसिलेवार धमकियों का दौर गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी शरारती तत्वों या संदिग्ध संगठनों द्वारा नैनीताल और उत्तरकाशी के जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकी दी जा चुकी है। उत्तरकाशी में जब धमकी मिली थी, तब प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे परिसर को खाली करा लिया था। उस दौरान पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और खुफिया एजेंसियों ने घंटों गहन तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
नई टिहरी में बढ़ी चौकसी अब ठीक उसी तर्ज पर नई टिहरी में मिली धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को दोगुना कर दिया है। बार-बार मिल रही इन धमकियों को देखते हुए पुलिस अब इसे महज एक ‘होक्स कॉल’ (अफवाह) मानकर नहीं चल रही है। नई टिहरी में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है और संदिग्धों की पहचान के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती एक के बाद एक जिलों को निशाना बनाने की इन धमकियों ने न केवल आम जनता में भय पैदा किया है, बल्कि पुलिस और खुफिया तंत्र के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश की है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इन सभी धमकियों के पीछे कोई एक ही गिरोह है या यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। फिलहाल, सभी संवेदनशील क्षेत्रों में ‘हाई अलर्ट’ जारी है।