Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

झबरेड़ा में बड़ा ‘दुबई कनेक्शन’ फेल: बिना विदेश गए सोनू मलिक के खाते में पहुंचे लाखों, जांच तेज।

उत्तराखंड के झबरेड़ा क्षेत्र में बैंक खातों के जरिए हो रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संदिग्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा हुआ है। दुबई से भारतीय खातों में अचानक ₹2.25 करोड़ ट्रांसफर होने की सूचना पर पुलिस और खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। झबरेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में सोनू मलिक सहित 11 लोगों के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और बेनामी संपत्ति अर्जित करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

कैसे खुला राज? छोटे खातों में ‘करोड़ों’ का खेल

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब झबरेड़ा और आसपास के क्षेत्रों के सामान्य बैंक खातों में लाखों रुपये की संदिग्ध ट्रांजैक्शन देखी गई। उप निरीक्षक रविन्द्र कुमार की शिकायत पर जांच शुरू हुई, तो पता चला कि संगठित गिरोह बनाकर बेनामी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे: “मैं तो कभी विदेश गया ही नहीं”

मुख्य आरोपी सोनू मलिक ने पुलिस को बताया कि वह कभी भारत से बाहर नहीं गया। उसने इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए बताया:

  • साले का कनेक्शन: सोनू के साले शाहरूख ने उसका खाता नंबर लिया था और कहा था कि दुबई से रकम आएगी।

  • कमीशन का लालच: सोनू को निर्देश थे कि वह रकम आने पर अपना कमीशन काटकर बाकी पैसे इकराम या उसके बताए व्यक्ति को सौंप दे।

  • दुबई लिंक: गिरोह का मास्टरमाइंड इमरान (इकराम का भाई) बताया जा रहा है, जो वर्तमान में दुबई में रहता है।

ट्रांजैक्शन का ब्योरा: कहाँ और कितने पैसे आए?

पुलिस ने अब तक करीब ₹2.25 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया है:

खाताधारक का नाम संदिग्ध रकम (अनुमानित)
सोनू मलिक ₹10-12 लाख (दो खातों में)
मोनू मलिक ₹15-16 लाख
अन्य 9 आरोपी शेष करोड़ों की राशि अलग-अलग किस्तों में

इन 11 आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने सोनू मलिक, मोनू मलिक, तालिब, एहसान, शहजाद, कार्तिक शर्मा (देहरादून), शाहरूख, इमरान, इकराम, शौकीन उर्फ वसीम और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

थानाध्यक्ष अजय शाह के अनुसार, पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह पैसा हवाला, ऑनलाइन गेमिंग/फ्रॉड या किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि से तो नहीं जुड़ा है। बैंक अधिकारियों से संपर्क कर खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *