आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा कर बोले सीएम धामी, लोगों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से जूझ रहे उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत व बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। सीएम ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को हरसंभव एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े अफसरों संग वर्चुअल बैठक

मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े शासन स्तर के उच्चाधिकारियों और सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जिलों में प्रभावित हालात और चल रही राहत गतिविधियों की जानकारी ली। मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसको लेकर सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है।

नदी किनारे से हटेगा मलबा, नहीं बनेगा बाधा

सीएम ने उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि नदी के जलस्तर में वृद्धि मलवे की वजह से हुई है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि नदी से निकाले गए मलबे को किनारे पर न छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर डंप किया जाए, ताकि दोबारा बारिश होने पर यही मलबा नदी में वापस न बहकर नया संकट खड़ा न करे।

चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान

सीएम धामी ने कहा कि बारिश का दौर कम होते ही चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में सड़क मार्ग की मरम्मत और सुविधाओं को दुरुस्त करना जरूरी है। लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए गए कि टेंडर और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव मिले।

घायल पशुओं के लिए जाएगी डॉक्टरों की टीम

बैठक के दौरान सीएम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को हुए नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि गांव-गांव डॉक्टरों की टीम भेजकर घायल पशुओं का उपचार किया जाए, ताकि ग्रामीणों की आजीविका पर अतिरिक्त संकट न आए।

जिलाधिकारियों को बड़ा संदेश

सीएम ने डीएम से कहा कि राहत और बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यदि किसी भी तरह की अतिरिक्त सहायता की जरूरत हो, तो वे बिना संकोच सरकार से मांग रखें। उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिलों से प्राप्त मांगों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए आवश्यक धनराशि समय पर जारी की जाए।

लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोग सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से जूझ रहे उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत व बचाव कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। सीएम ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को हरसंभव एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े अफसरों संग वर्चुअल बैठक

मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े शासन स्तर के उच्चाधिकारियों और सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जिलों में प्रभावित हालात और चल रही राहत गतिविधियों की जानकारी ली। मौसम विभाग ने 3 सितंबर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसको लेकर सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है।

नदी किनारे से हटेगा मलबा, नहीं बनेगा बाधा

सीएम ने उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि नदी के जलस्तर में वृद्धि मलवे की वजह से हुई है। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि नदी से निकाले गए मलबे को किनारे पर न छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर डंप किया जाए, ताकि दोबारा बारिश होने पर यही मलबा नदी में वापस न बहकर नया संकट खड़ा न करे।

चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान

सीएम धामी ने कहा कि बारिश का दौर कम होते ही चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में सड़क मार्ग की मरम्मत और सुविधाओं को दुरुस्त करना जरूरी है। लोक निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिए गए कि टेंडर और अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव मिले।

घायल पशुओं के लिए जाएगी डॉक्टरों की टीम

बैठक के दौरान सीएम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को हुए नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि गांव-गांव डॉक्टरों की टीम भेजकर घायल पशुओं का उपचार किया जाए, ताकि ग्रामीणों की आजीविका पर अतिरिक्त संकट न आए।

जिलाधिकारियों को बड़ा संदेश

सीएम ने डीएम से कहा कि राहत और बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए यदि किसी भी तरह की अतिरिक्त सहायता की जरूरत हो, तो वे बिना संकोच सरकार से मांग रखें। उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिलों से प्राप्त मांगों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए आवश्यक धनराशि समय पर जारी की जाए।

लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जाएं, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के लोग सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

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