Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

“उत्तराखंड में फिर बरपाएगा मौसम का कहर, देहरादून समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी”

उत्तराखंड में रुक-रुककर हो रही बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी इलाकों में झमाझम बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है।

सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 31 अगस्त 2025 को देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंहनगर जिले में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इस दौरान पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन, नदियों में जलस्तर बढ़ने और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका जताई गई है।

1 सितंबर को रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को हालात और बिगड़ सकते हैं। इस दिन देहरादून, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसका अर्थ है कि इन जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित होने की पूरी संभावना है।

अन्य जिलों में भी मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

3 सितंबर तक बना रहेगा खतरा

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मौसम की यह स्थिति 3 सितंबर तक बनी रहेगी। पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण इलाकों में खेतों को नुकसान हो रहा है, जबकि शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रशासन ने की सतर्क रहने की अपील

बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और पहाड़ी इलाकों में नदियों-नालों के पास न जाएं। इसके अलावा बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे धामों की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

लोगों की परेशानियां

देहरादून से लेकर चमोली और पिथौरागढ़ तक लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, बागेश्वर और उत्तरकाशी में ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और फसलें खराब होने लगी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *