देहरादून:- उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि उत्तराखंड की राजनीति में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं और आने वाले समय में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हो सकती है। हरक सिंह रावत ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी निशाना साधा। उन्होंने पुराने राजनीतिक दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह वर्ष 1997 में मंत्री थे, तब महेंद्र भट्ट उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाया करते थे।
कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी का दावा
हरक सिंह रावत ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह वर्षों से उत्तराखंड की राजनीति और जनता के रुझान को करीब से देखते आए हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का उनका आकलन गलत नहीं हो सकता। उन्होंने अनुमान जताया कि वर्तमान परिस्थितियों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब 34 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। रावत के अनुसार, पिछले चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के वोट प्रतिशत के बीच अंतर रहा है, लेकिन अब यह अंतर कम होता नजर आ रहा है।
भाजपा के वोट घटने पर कांग्रेस को मिल सकता है फायदा
हरक सिंह रावत ने दावा किया कि यदि भाजपा के वोट प्रतिशत में करीब साढ़े तीन से साढ़े चार प्रतिशत की कमी आती है और उसका लाभ कांग्रेस को मिलता है, तो कांग्रेस भाजपा से आगे निकल सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में ऐसे चुनाव भी हुए हैं, जब दोनों प्रमुख दलों के वोट प्रतिशत में काफी कम अंतर रहा। हालांकि, वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के वोट शेयर के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला था। रावत का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां धीरे-धीरे कांग्रेस के पक्ष में बदलती नजर आ रही हैं।
महेंद्र भट्ट पर हरक सिंह रावत का तंज
इस दौरान हरक सिंह रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अभी “ख्वाब में जी रहे हैं।” उन्होंने छात्र राजनीति के दिनों का भी जिक्र किया। रावत ने बताया कि जब वह एबीवीपी में महामंत्री थे, उस दौरान कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े कार्यकर्ता उनके खिलाफ नारेबाजी करते थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौर के कुछ लोग आज उनके समर्थक बन चुके हैं। हरक सिंह रावत ने कहा कि राजनीतिक विरोध और नारेबाजी को वह लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा मानते हैं। युवाओं की ओर से नारे लगाए जाने पर उन्हें बुरा नहीं लगता, बल्कि इससे पुराने राजनीतिक दौर की यादें ताजा हो जाती हैं।
पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी में बदलाव महसूस होने का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह लंबे समय से प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम और जनता के रुझान का अध्ययन करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पौड़ी, चमोली और उत्तरकाशी समेत विभिन्न इलाकों में लोगों के बीच जाकर उन्हें जमीनी स्तर पर बदलाव महसूस हो रहा है। हरक सिंह रावत ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय बाकी है और अगले तीन से चार महीनों में राजनीतिक परिस्थितियों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने मौजूदा हालात को कांग्रेस के लिए बेहतर बताते हुए दावा किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा परिवर्तन हो सकता है।