लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। ग्रामीण इलाकों में पानी घरों और खेतों तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। छोटी नदियों से लेकर गंगा तक उफान पर हैं। प्रयागराज में जहां लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। मिर्जापुर में भी गंगा तीन दिनों से उफान पर बताई जा रही है और विंध्याचल धाम के घाट पानी में डूब गए हैं।
प्रयागराज में जलभराव पर डिप्टी सीएम नाराज
प्रयागराज में लगातार बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। जॉर्ज टाउन, टैगोर टाउन, अल्लापुर और करेली समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर घरों में भी पानी घुसने की स्थिति सामने आई। इस मामले पर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो शहर में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने के निर्देश दिए। प्रयागराज की जलभराव समस्या को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से जवाब मांगा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से करीब 3 मीटर ऊपर
चित्रकूट के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी और बरदहा नदियां उफान पर हैं। रामघाट के पास मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर बहने की बात कही जा रही है। बाढ़ का पानी रामघाट की सैकड़ों दुकानों तक पहुंच गया है, जबकि कई मठ और मंदिर भी प्रभावित हुए हैं। यूपी-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित रामघाट क्षेत्र में हालात ऐसे हैं कि कई जगह सड़कों पर पानी भरने के कारण लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। चित्रकूट से मध्य प्रदेश के सतना जिले की ओर जाने वाले मार्ग पर भी बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन ने लोगों से घाटों और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। हालांकि, पर्याप्त नावों की व्यवस्था न होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मिर्जापुर में उफान पर गंगा, विंध्याचल धाम के घाट डूबे
मिर्जापुर में भी गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। विंध्याचल धाम के कई घाट पानी में डूब गए हैं। मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान भी बदली हुई परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर 2.666 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। हालांकि, गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से 3.594 मीटर नीचे बताया गया। यहां चेतावनी स्तर 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित स्थानों पर जाने से बचें तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।