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खुर्जा मंडी के प्रभारी सचिव नाहर सिंह एंटी करप्शन टीम के शिकंजे में

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने मेरठ मंडी समिति से संबद्ध मंडी निरीक्षक नाहर सिंह को बुलंदशहर में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद मंडी विभाग में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार नाहर सिंह वर्तमान में खुर्जा मंडी में प्रभारी सचिव के पद पर तैनात था। इसके साथ ही उसके पास बुलंदशहर मंडी का अतिरिक्त प्रभार भी था। बताया जा रहा है कि करीब पांच महीने पहले उसे खुर्जा मंडी का प्रभार सौंपा गया था। हालांकि उसकी मूल तैनाती मेरठ मंडी समिति से जुड़ी हुई थी और उसका वेतन भी वहीं से जारी किया जा रहा था।

एंटी करप्शन टीम को नाहर सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान नाहर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सूत्रों के मुताबिक नाहर सिंह का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। वह मेरठ और गाजियाबाद में विभिन्न पदों पर तैनात रह चुका है। मेरठ में तैनाती के दौरान फल मंडी के कई व्यापारियों ने उस पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। व्यापारियों द्वारा शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं, लेकिन उस समय मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी थी।

मंडी विभाग में यह लगातार तीन दिनों के भीतर दूसरी बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई है। इससे पहले शिकारपुर मंडी के प्रभारी सचिव को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने मंडी विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

नाहर सिंह की गिरफ्तारी के बाद मंडी विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा शुरू कर दी गई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।

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