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देवत गांव की दहशत भरी रात, पत्थरों की बरसात से ग्रामीणों ने छोड़ा अपना घर

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाओं ने गांवों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। सबसे ज्यादा दहशत पिथौरागढ़ जिले के नैनी सैनी पट्टी के देवत गांव में है, जहां कल देर रात अचानक पहाड़ से पत्थरों की बरसात होने लगी।

आधी रात को गांव में मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, कल देर रात आसमान में गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ ही अचानक पहाड़ से पत्थर टूटकर गिरने लगे। यह देख ग्रामीण दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की तलाश में भागे। खराब मौसम के बावजूद लोगों ने गांव छोड़ दिया और नैनी सैनी पहुंचकर रात बारात घर में गुजारी।

पहले भी हो चुका है हादसा

देवत गांव पहले ही दर्दनाक हादसा झेल चुका है। कुछ दिन पहले पहाड़ से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से गांव के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उसी घटना के बाद से ग्रामीण हर बारिश के साथ डर में जी रहे हैं।

ग्रामीणों की मजबूरी – घर छोड़कर जाना पड़ा

गांव के लोगों का कहना है कि पहाड़ की चोटी से लेकर नीचे तक हजारों पत्थर ढीले हो चुके हैं। जैसे ही तेज बारिश होती है, ये पत्थर खिसककर गांव की ओर आ जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे अब अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे। मजबूरी में बच्चों और बुजुर्गों को लेकर रात को सुरक्षित जगह भागना पड़ा।

मंत्री और प्रशासन पहुंचे गांव

सुबह स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य मंत्री गणेश भंडारी और जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी देवत गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर संभव मदद करेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित आवास और स्थायी समाधान की मांग की।

डर और अनिश्चितता में गुजर रही जिंदगी

ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के हर दौर के साथ उनका डर और बढ़ जाता है। गांव छोड़ने के बाद लोग रातभर बेचैन रहे और सुबह तक चैन की सांस नहीं ले पाए। गांव में इस समय लोग भय और असुरक्षा की स्थिति में जीने को मजबूर हैं।

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