देहरादून से चमोली तक भारी बारिश का खतरा, 11 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

देहरादून:- उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर आक्रामक तेवर दिखा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य में भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे राज्य के कई हिस्सों में मौसम बेहद खराब रह सकता है। इस दौरान तेज बारिश के साथ अचानक बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने भी राज्य के कई जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है।

विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के चलते जिन इलाकों की जमीन पहले से ही पानी से पूरी तरह संतृप्त हो चुकी है, वहां बारिश का पानी जमीन में समाने के बजाय तेजी से बह सकता है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक तेज सतही बहाव और जलभराव की स्थिति पैदा होने की संभावना है। निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़कें बाधित होने और यातायात प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।

11 जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए राज्य के 11 जिलों में प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। बागेश्वर को छोड़कर चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी समेत 11 जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और संभावित आपदा के खतरे को देखते हुए लिया गया है। जिलों में स्थानीय परिस्थितियों और मौसम की स्थिति के आधार पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

20 जुलाई को रेड अलर्ट, 21 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 जुलाई को उत्तराखंड में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 जुलाई को भी मौसम खराब रहने और ऑरेंज अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर कसी कमर

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। भूस्खलन और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों, राहत एवं बचाव उपकरणों और आवश्यक मानव संसाधनों की पहले से तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जा सके। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र यानी डीईओसी को देने के निर्देश दिए हैं।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से नदी-नालों, जलधाराओं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के दौरान जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। सतर्कता और समय रहते उठाए गए कदमों से संभावित आपदा के दौरान जन-धन के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *