धारचूला-तवाघाट NH पर संकट, पुल क्षतिग्रस्त; 23 अगस्त को भारत आएगा कैलाश मानसरोवर यात्रा का 10वां जत्था

देहरादून/पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में बुधवार को धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से गिरे पत्थर और बोल्डर की चपेट में आने से कूलागाड़ पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल को नुकसान पहुंचने के बाद मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची और यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम शुरू कर दिया। BRO के मुताबिक, कूलागाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद वाहनों की आवाजाही को डायवर्ट करने की तैयारी की जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि बुधवार शाम तक डायवर्जन तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद मार्ग पर यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।

कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भी बढ़ी सतर्कता

कूलागाड़ पुल को हुए नुकसान के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा की आवाजाही को लेकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियां भी सतर्क हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा का नौवां जत्था बुधवार को भारत में प्रवेश करेगा। इस जत्थे में 48 यात्री शामिल हैं। इनके साथ केएमवीएन के तीन कुक भी हैं। वहीं, यात्रा का 10वां जत्था फिलहाल तिब्बत में है। इसके 23 अगस्त 2026 को भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इस जत्थे में 44 सदस्य हैं और केएमवीएन के तीन कुक भी यात्रियों के साथ हैं।

मानसून में लगातार चुनौती बन रहे भूस्खलन

धारचूला-तवाघाट एनएच सीमांत क्षेत्र के लिए बेहद अहम संपर्क मार्ग है। मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के चलते पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों में बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।  कूलागाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद BRO की प्राथमिकता जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर मार्ग पर यातायात बहाल करना है। फिलहाल यात्रियों और स्थानीय लोगों की नजर डायवर्जन के काम पर है। खासतौर पर कैलाश मानसरोवर यात्रा के जत्थों की आवाजाही को देखते हुए इस मार्ग की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।

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