नरोत्तम मिश्रा बोले- मैंने कभी कोई मांग नहीं की, पार्टी का निर्णय सर्वोपरि

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी नेतृत्व के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी से किसी पद, टिकट या जिम्मेदारी की मांग नहीं की। उनके अनुसार भाजपा नेतृत्व ने जो भी निर्णय लिया है, वह पूरी तरह उचित है और उस पर किसी प्रकार का सवाल उठाने की कोई आवश्यकता नहीं है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों से वह एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए लगातार काम कर रहे हैं और भविष्य में भी उसी समर्पण और निष्ठा के साथ पार्टी की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है और हर कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह पार्टी के निर्णयों का सम्मान करे।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने साफ किया कि उनकी किसी विशेष पद या जिम्मेदारी को लेकर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण पार्टी का हित और संगठन को मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन नरोत्तम मिश्रा के इस बयान को संगठन के प्रति अनुशासन और निष्ठा का संदेश माना जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा का हर निर्णय कार्यकर्ताओं और संगठन के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिया जाता है और वह हमेशा पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

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