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पंजाब के गोदाम खाली करने के लिए केंद्र ने भेजीं 18 रेलगाड़ियां, नई गेहूं फसल के भंडारण का रास्ता साफ

पंजाब में गेहूं खरीद सीजन के बीच भंडारण क्षमता को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य के गोदामों में लंबे समय से पड़े पुराने अनाज को अन्य राज्यों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 18 विशेष रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाई हैं। इन ट्रेनों के माध्यम से पुराने गेहूं और धान के स्टॉक को गोदामों से बाहर भेजा जाएगा, जिससे नई खरीदी जा रही गेहूं फसल के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से 17 रेलगाड़ियों की मांग की गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने जरूरत को देखते हुए एक अतिरिक्त ट्रेन भेजते हुए कुल 18 रेलगाड़ियां उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में और आवश्यकता महसूस होती है तो केंद्र सरकार अतिरिक्त रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने के लिए भी तैयार है।

रवनीत बिट्टू ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की उपज के सुचारू भंडारण और परिवहन को लेकर गंभीर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि गोदामों में जगह खाली होने के बाद पंजाब सरकार मंडियों में गेहूं खरीद और उठान प्रक्रिया को और तेज करेगी, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने बताया कि राज्य में कई स्थानों पर खरीद प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी चल रही है, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने और भुगतान प्राप्त करने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में गोदामों को शीघ्र खाली करना बेहद जरूरी था, ताकि नई फसल के भंडारण में कोई बाधा न आए।

जानकारी के अनुसार पंजाब में लगभग 155 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले कवर्ड गोदाम मौजूद हैं। इनमें पहले से बड़ी मात्रा में पुराना स्टॉक रखा हुआ है, जिसमें धान और गेहूं दोनों शामिल हैं। वर्तमान रबी सीजन के दौरान राज्य में करीब 130 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होने का अनुमान है। इस स्थिति में पुराने अनाज को समय पर बाहर भेजना आवश्यक हो गया था, ताकि नई फसल के लिए पर्याप्त भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से किसानों को राहत मिलेगी और खरीद प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी। वहीं अनाज के तेज उठान से मंडियों में भीड़ कम होगी और नई उपज के भंडारण में आने वाली चुनौतियों को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

फिलहाल किसानों और आढ़तियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में खरीद और उठान प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है। सरकार का दावा है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और भंडारण को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।

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