पंजाब के सरकारी स्कूलों पर 2,300 करोड़ खर्च, 3.64 लाख छात्रों ने निजी स्कूल छोड़े

पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक करीब 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सरकार का फोकस स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पुराने भवनों के सुधार और स्कूलों के अपग्रेडेशन पर है। पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा से जुड़ी साढ़े चार साल की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में प्रदेश के हर सरकारी स्कूल को आवश्यक सुविधाओं से पूरी तरह लैस करने का लक्ष्य रखा गया है।

3.64 लाख छात्रों ने निजी स्कूल छोड़ सरकारी स्कूलों में लिया दाखिला

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के मुताबिक, वर्ष 2022 से अब तक 3.64 लाख छात्र निजी स्कूलों से निकलकर पंजाब के सरकारी स्कूलों में दाखिला ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने पर प्राथमिकता से काम किया है। सरकार के अनुसार करीब 9,000 नए क्लासरूम और प्रयोगशालाएं तैयार की गई हैं। इसके अलावा 13,920 नए शौचालय बनाए गए हैं और स्कूलों में करीब दो लाख नए डेस्क उपलब्ध कराए गए हैं।

सरकारी स्कूलों में बढ़ रहा डिजिटल शिक्षा का दायरा

पंजाब के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार से अधिक इंटरएक्टिव पैनल लगाए जा रहे हैं। साथ ही 5,012 आधुनिक कंप्यूटर लैब और वाई-फाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का दावा है कि इन सुविधाओं से छात्रों को तकनीक आधारित शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा। बैंस ने बताया कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में कार्यात्मक शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 99.9 प्रतिशत स्कूलों में बाउंड्री वॉल का काम पूरा हो चुका है।

शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों की ट्रेनिंग पर जोर

सरकार ने केवल स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार प्रिंसिपलों को सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और हेडमास्टरों को आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिलाया गया है।

NEET में सरकारी स्कूलों के छात्रों का प्रदर्शन बेहतर

शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में NEET में सफलता हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 हो गई।

कक्षा 1 से 12 तक AI की पढ़ाई

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जहां कक्षा पहली से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को मुख्य विषय के तौर पर लागू किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में पूर्व सैन्यकर्मियों को कैंपस मैनेजर और सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मॉडल बनाना है। सरकार आने वाले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं को और मजबूत करने तथा शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर देगी।

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