Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u141101890/domains/alam-e-tasveer.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6260

पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में बदले समीकरण, ABVP-SOI ने किया गठबंधन

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद चुनाव से पहले रविवार शाम कैंपस की छात्र राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। एबीवीपी और सोई ने औपचारिक रूप से गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इस गठबंधन के बाद चुनावी मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प हो गया है। एबीवीपी भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा छात्र संगठन है, जबकि सोई शिरोमणि अकाली दल का छात्र संगठन माना जाता है। दोनों संगठनों के एक साथ आने की चर्चा पिछले कुछ समय से पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रही थी। अब औपचारिक गठबंधन के बाद इन चर्चाओं पर विराम लग गया है। माना जा रहा है कि दोनों संगठन चुनाव में एक-दूसरे को समर्थन देते हुए संयुक्त रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे। गठबंधन के तहत एबीवीपी और सोई के कार्यकर्ता मिलकर चुनाव प्रचार करेंगे। दोनों संगठनों के समर्थकों के एकजुट होने से चुनाव में वोटों का गणित प्रभावित हो सकता है और अन्य छात्र संगठनों के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

पीयू छात्र परिषद चुनाव में अलग-अलग छात्र संगठन लंबे समय से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करते रहे हैं। ऐसे में एबीवीपी और सोई का साथ आना चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस गठबंधन को सिर्फ कैंपस की छात्र राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकार इसे पंजाब की व्यापक युवा राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। दोनों संगठनों का संबंध प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक ताकतों से होने के कारण इस गठजोड़ को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। छात्र राजनीति को अक्सर राजनीतिक दलों के लिए युवाओं तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे में एबीवीपी और सोई के बीच गठबंधन को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों और युवा वोटरों के बीच प्रभाव बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, गठबंधन का वास्तविक असर कितना होगा, यह चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल दोनों संगठनों के साथ आने से पीयू छात्र परिषद चुनाव का मुकाबला और कड़ा होने की संभावना है। गठबंधन के बाद कैंपस में छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर रहेंगी कि एबीवीपी-सोई गठबंधन चुनाव में कितना प्रभाव छोड़ पाता है और क्या यह गठजोड़ छात्र परिषद की सत्ता तक पहुंचने में सफल होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *