बरेली:- उत्तर प्रदेश के बरेली में रक्षाबंधन की रात पुरानी रंजिश के चलते भाजपा से जुड़े स्थानीय पदाधिकारी की चाकू मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। वारदात सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बंसीनगला में शुक्रवार देर रात हुई। मृतक की पहचान सचिन कश्यप के रूप में हुई है, जो भाजपा मणिनाथ मंडल के ओबीसी मोर्चा में उपाध्यक्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 12 बजे सचिन अपने घर के पास स्थित बगिया में थे। इसी दौरान कुछ हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और चाकू से उनके गले समेत शरीर के कई हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सचिन खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और सचिन को उपचार के लिए निजी अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पत्नी ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट
सचिन की पत्नी गुड़िया देवी ने पड़ोस में रहने वाले बाबू उर्फ रोहित, अमित उर्फ भज्जी, बाबू की मां और आशीष मौर्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि बाबू नाम का युवक बच्चों के साथ गलत हरकत करता था, जिसका सचिन ने विरोध किया था। पत्नी का आरोप है कि इसी विरोध के चलते सचिन की हत्या की गई। सुभाषनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन के मुताबिक, तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी घटना का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
दो महीने पहले हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, करीब दो महीने पहले सचिन का पड़ोस में रहने वाले आपराधिक छवि के युवक बाबू से विवाद हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद पड़ोसी युवक सचिन से रंजिश रखता था और इसी विवाद के चलते हत्या की गई। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
भाजपा से लंबे समय से जुड़े थे सचिन
परिजनों ने बताया कि सचिन लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए थे। वह इलाके के लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान में भी मदद करते थे। कुछ साल पहले तक उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारी के तौर पर काम किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं बताई जा रही है। सचिन के पिता और उनके दो भाई रोडवेज स्टैंड पर पानी बेचने का काम करते हैं। करीब 10 साल पहले सचिन की शादी हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है।
रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं
सचिन की हत्या की खबर मिलते ही परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं। घर में त्योहार के लिए रिश्तेदार और मेहमान जुटे थे, लेकिन अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सचिन की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि आठ भाई-बहनों में सचिन सबसे बड़े थे। रक्षाबंधन के मौके पर घर में खुशी का माहौल था, जो बेटे की हत्या की खबर के बाद गम में बदल गया।