भगवंत मान के गृह क्षेत्र में सेवा केंद्र का बिजली कनेक्शन कटा

पंजाब सरकार ने नागरिकों को कॉर्पोरेट तर्ज पर तेज और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सेवा केंद्रों का संचालन निजी कंपनियों को सौंप रखा है। लेकिन अब इन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र सुनाम स्थित मुख्य सेवा केंद्र में बिजली कनेक्शन कटने की घटना ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। जानकारी के अनुसार, सेवा केंद्र का संचालन कर रही निजी कंपनी ने कई महीनों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया। फरवरी 2026 तक केंद्र पर 86,921 रुपये का बिजली बिल बकाया था। इस राशि का भुगतान निजी कंपनी को करना था, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने के कारण बकाया लगातार बढ़ता गया।

इस बीच 1 जून 2026 से पावरकॉम ने सभी सरकारी भवनों और संस्थानों में प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू कर दी। पुराने बकाये और नए बिजली खर्च को मिलाकर कुल राशि 88,741 रुपये हो गई। कंपनी ने समय पर मीटर रिचार्ज नहीं कराया, जिसके चलते प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही बुधवार को ऑटो-प्रोसेस के जरिए बिजली कनेक्शन स्वतः काट दिया गया। पावरकॉम के एसडीओ चमकौर सिंह और आरए अश्विनी कुमार ने पुष्टि की कि नई प्रीपेड व्यवस्था के तहत बैलेंस शून्य होने पर सिस्टम अपने आप बिजली सप्लाई बंद कर देता है। उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी और अधिकारियों को कई बार बकाया जमा कराने के लिए नोटिस और रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। बिजली कटने के बावजूद सेवा केंद्र में आम लोगों के काम प्रभावित न हों, इसके लिए कर्मचारियों ने जेनरेटर की व्यवस्था की। केंद्र में तैनात कर्मचारी अमनदीप कौर ने बताया कि पूरे दिन जेनरेटर के जरिए सेवाएं जारी रखी गईं ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निजी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को नहीं भुगतना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में सेवा केंद्रों पर इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो।

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