कासगंज: फर्रुखाबाद से भाजपा सांसद मुकेश राजपूत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कासगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश के बाद सहावर थाने में सांसद समेत 37 नामजद लोगों, 50 अज्ञात पुरुषों और पांच अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लूटपाट, मारपीट, जबरन कब्जा समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला सांसद मुकेश राजपूत की बहन रीना राजपूत और उनके ससुराल पक्ष के बीच चल रहे पुराने संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। सहावर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, लक्षिमपुर निवासी लक्ष्मण सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कस्बा सहावर के अवंती बाई नगर में उनका मकान है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनके बेटे रविंद्र कुमार की शादी भाजपा सांसद मुकेश राजपूत की बहन रीना राजपूत से हुई है। आरोप है कि रीना राजपूत सांसद की बहन होने का प्रभाव दिखाते हुए ससुराल पक्ष पर दबाव बनाती थीं और विवाद के दौरान मारपीट भी करती थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब एक साल पहले सांसद मुकेश राजपूत ने कथित तौर पर दबाव बनाकर विवादित मकान पर रीना राजपूत का कब्जा करा दिया। लक्ष्मण सिंह का आरोप है कि इसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और घर में लूटपाट भी की गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया। मामले में कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लक्ष्मण सिंह ने इस मामले को लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने 20 जुलाई को मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद सहावर पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट के आदेश के अनुपालन में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब मामले से जुड़े आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में सांसद मुकेश राजपूत, उनकी पत्नी सौभाग्यवती राजपूत, बहन रीना राजपूत सहित कुल 37 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा 50 अज्ञात पुरुष और पांच अज्ञात महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में अर्पित, अंकित, दो सुरक्षा गार्ड, राकेश राजपूत, दिनेश उर्फ नन्ने, संजीव, राहुल, शिवम, हिमांशु उर्फ लल्लन, अजीत उर्फ झापा, रीता राजपूत, धीरेंद्र यादव, मीना राजपूत, जितेंद्र सिंह, सुधाकर प्रधान, सीमा राजपूत, ओम शरण वर्मा, राजेश, निलेश, विपिन, अमन, अंकुर राजपूत, अंशुल, नीलम, चंद्रपाल, कांति देवी, शैलेंद्र, राहुल, लखन सिंह, चंद्रभान, रामभान, नीरज, देवेंद्र और राम नरेश समेत अन्य लोग शामिल हैं।
बताया गया है कि 7 सितंबर 2025 को इसी संपत्ति को लेकर रीना राजपूत और उनके ससुर लक्ष्मण सिंह के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। उस मामले में रीना राजपूत की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर लक्ष्मण सिंह को जेल जाना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने सांसद मुकेश राजपूत, रीना राजपूत और अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, लूटपाट समेत कई आरोप लगाते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। अब कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: एफआईआर में लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं। इनकी पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।