मुहम्मदाबाद में CM योगी की सभा, अंसारी परिवार के घर से 300 मीटर दूर से भाजपा का बड़ा संदेश

गाजीपुर:-  उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में आयोजित जनसभा के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के अभियान का मजबूत संदेश दिया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने यह सभा यूसुफपुर मंडी समिति के मैदान में की, जो अंसारी परिवार के आवास से करीब 300 मीटर की दूरी पर है। मुहम्मदाबाद को लंबे समय से अंसारी परिवार का राजनीतिक प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी का इसी इलाके में पहुंचकर सभा करना भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुहम्मदाबाद विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भाजपा के लिए बेहद संवेदनशील रहा है। दिवंगत भाजपा विधायक कृष्णानंद राय समेत सात भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के बाद से यह सीट पार्टी की राजनीतिक प्रतिष्ठा से लगातार जुड़ी रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का अंसारी परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में पहुंचकर 2027 के चुनाव का संदेश देना भाजपा के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक, दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

2027 के लिए गाजीपुर की सभी सीटों पर नजर

यूसुफपुर मंडी समिति के मैदान में भाजपा की यह पहली बड़ी सभा बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी मैदान से चुनावी माहौल को धार देने की कोशिश की। दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को गाजीपुर जिले की सभी सात विधानसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2027 से पहले भाजपा की रणनीति गाजीपुर में अपना राजनीतिक आधार दोबारा मजबूत करने की है। मुख्यमंत्री की सभा को इसी व्यापक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी इस बार जिले की सभी विधानसभा सीटों पर मजबूत चुनावी तैयारी के साथ उतरने की कोशिश कर रही है।

अंसारी परिवार का मुहम्मदाबाद में लंबा राजनीतिक प्रभाव

मुहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में अंसारी परिवार का राजनीतिक प्रभाव कई दशकों से रहा है। वर्ष 1984 से अब तक इस सीट पर अंसारी परिवार के अलग-अलग सदस्यों का दबदबा रहा है। अफजाल अंसारी ने इस सीट से पांच बार जीत दर्ज की। इसके बाद उनके बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी दो बार विधायक रहे। वर्ष 2022 में अंसारी परिवार की नई पीढ़ी से सिबगतुल्लाह अंसारी के बेटे सुहैब अंसारी ने चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इस तरह मुहम्मदाबाद सीट पर अंसारी परिवार की राजनीतिक पकड़ लगातार बनी रही है।

2012 में सिबगतुल्लाह अंसारी ने दर्ज की थी जीत

वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कौमी एकता दल के टिकट पर सिबगतुल्लाह अंसारी ने चुनाव लड़ा था। उन्हें 66,922 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजेश राय दूसरे स्थान पर रहे थे, जिन्हें 59,589 वोट प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा था।

2017 में भाजपा ने बदला चुनावी समीकरण

2017 के विधानसभा चुनाव में मुहम्मदाबाद की तस्वीर बदल गई। भाजपा ने दिवंगत कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय को मैदान में उतारा। अलका राय ने 1,22,156 वोट हासिल करते हुए शानदार जीत दर्ज की। वहीं बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सिबगतुल्लाह अंसारी को 89,429 वोट मिले और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। यह परिणाम भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि पार्टी ने अंसारी परिवार के प्रभाव वाले क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।

2022 में फिर अंसारी परिवार की वापसी

2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा की अलका राय और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुहैब अंसारी के बीच मुकाबला हुआ। इस चुनाव में सुहैब अंसारी ने 1,11,443 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा की अलका राय को 92,684 वोट मिले। 2022 में समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। इस चुनाव का असर केवल मुहम्मदाबाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गाजीपुर की सभी सात विधानसभा सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

इस बार बदल चुका है राजनीतिक गठबंधन

2027 के चुनाव में भाजपा के सामने पिछली हार से अलग राजनीतिक परिस्थितियां हैं। 2022 में सपा के साथ गठबंधन करने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा हैं। राजभर के भाजपा के साथ आने से गाजीपुर की राजनीति में नए समीकरण बन गए हैं। भाजपा इस गठबंधन को अपने पक्ष में वोटों के सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। इसी वजह से पार्टी इस बार गाजीपुर की सभी सात विधानसभा सीटों पर जीत की रणनीति तैयार करने में जुटी है।

अंसारी परिवार के गढ़ में CM योगी की सभा क्यों अहम?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुहम्मदाबाद में सभा को केवल एक सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सभा स्थल और स्थान का चयन भी अपने आप में राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। अंसारी परिवार के आवास से महज कुछ दूरी पर मुख्यमंत्री की सभा के जरिए भाजपा ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी अब मुहम्मदाबाद समेत पूरे गाजीपुर में विपक्षी प्रभाव को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार है। कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद मुहम्मदाबाद सीट भाजपा की राजनीति में भावनात्मक और संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने और चुनावी आधार मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

2027 में मुकाबला होगा दिलचस्प

गाजीपुर की राजनीति में 2027 का विधानसभा चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण होने वाला है। एक ओर भाजपा 2022 में मिली करारी हार के बाद वापसी की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्ष अपनी पिछली जीत के आधार पर राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की रणनीति पर काम करेगा। मुहम्मदाबाद सीट पर अंसारी परिवार की विरासत, भाजपा का पुराना संगठनात्मक आधार और बदले हुए गठबंधन समीकरण चुनाव को और दिलचस्प बना सकते हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा के बाद यह साफ संकेत मिलने लगा है कि भाजपा ने गाजीपुर में 2027 की तैयारी को चुनाव से काफी पहले ही तेज कर दिया है। आने वाले महीनों में राजनीतिक दलों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *