उत्तराखंड सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पात्र नागरिकों को बिना अनावश्यक औपचारिकताओं के स्वतः वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाए। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को नई व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र लोगों को पेंशन के लिए बार-बार आवेदन या सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। विभाग ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक प्रणाली विकसित करे जिससे पात्रता पूरी होते ही लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की सभी योजनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाएं।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय और डिजिटल व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ऐसा सुशासन मॉडल विकसित किया जाएगा जो पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुविधाजनक हो। साथ ही डोईवाला, पाइनस और सोमेश्वर स्थित बाबू जगजीवन राम छात्रावासों का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान जून 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी जारी की गई। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 9.80 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 145.42 करोड़ रुपये भेजे गए। इनमें 6.11 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को 91.69 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक समय पर लाभ पहुंचाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।