सनटैक सिटी प्रोजेक्ट की CLU मंजूरी जांच के घेरे में, IAS कंवलप्रीत बराड़ तलब

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब कैडर के IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ को समन जारी कर 18 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह समन मोहाली के सनटैक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में जारी किया गया है। ED इस मामले में प्रोजेक्ट की मंजूरी से लेकर चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस मुख्य रूप से इस बात पर है कि सनटैक सिटी प्रोजेक्ट के लिए CLU की मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत दी गई और उस दौरान निर्धारित नियमों एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि प्रोजेक्ट से संबंधित फाइलों पर किन अधिकारियों ने निर्णय लिए और मंजूरी की प्रक्रिया में किस स्तर पर क्या कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार, कंवलप्रीत बराड़ साल 2024 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक के पद पर तैनात थे। इसी दौरान सनटैक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ी मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। इसी वजह से ED अब उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और संबंधित दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ED प्रोजेक्ट की फाइल, CLU आवेदन, मंजूरी से संबंधित दस्तावेज और विभागीय स्तर पर किए गए पत्राचार के बारे में जानकारी ले सकती है। इसके अलावा एजेंसी यह भी समझने की कोशिश कर सकती है कि CLU की मंजूरी के लिए किन शर्तों और नियमों को आधार बनाया गया था तथा पूरी प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों की क्या भूमिका रही।

जांच का एक अहम पहलू यह भी माना जा रहा है कि सनटैक सिटी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के दौरान जमीन के इस्तेमाल में बदलाव से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी स्तर पर नियमों में छूट, प्रक्रिया में बदलाव या निर्धारित मानकों से अलग निर्णय लिए जाने की बात सामने आती है, तो ED उससे जुड़े कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। 18 अगस्त को होने वाली पूछताछ में ED अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ से उनके कार्यकाल के दौरान प्रोजेक्ट से संबंधित निर्णयों के बारे में सवाल कर सकते हैं। उनसे यह भी पूछा जा सकता है कि संबंधित फाइलें उनके पास कब आईं, किन अधिकारियों या विभागों से राय ली गई और मंजूरी से पहले कौन-कौन से दस्तावेजों की जांच की गई थी।

हालांकि, ED की जांच अभी जारी है और किसी अधिकारी को समन जारी किया जाना अपने आप में अपराध या आरोप साबित नहीं करता। समन का उद्देश्य जांच के दौरान आवश्यक जानकारी और दस्तावेज हासिल करना भी हो सकता है। आगे की कार्रवाई ED की जांच में सामने आने वाले तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर तय होगी। सनटैक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े इस मामले में अब 18 अगस्त की पूछताछ महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कंवलप्रीत बराड़ से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को CLU मंजूरी की प्रक्रिया और उस समय लिए गए प्रशासनिक फैसलों से जुड़े कई पहलुओं पर अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है। इसके बाद ED इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई को लेकर फैसला कर सकती है।

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