सुखबीर बादल पर हमले की साजिश तक पहुंचने की मांग, NIA जांच पर जोर

नांदेड़ स्थित तख्त श्री हजूर साहिब परिसर में हुए हमले में घायल शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की चोटों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के मुताबिक, हमले में सुखबीर बादल को करीब 150 टांके लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमले के बाद उनकी हालत अब खतरे से बाहर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। मजीठिया ने दावा किया कि हमलावर ने सुखबीर बादल पर बेहद नजदीक से वार किया था। उनके मुताबिक, हमलावर का निशाना सुखबीर बादल का दिल था, लेकिन गुरु साहिब की कृपा से वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि खंजर उनकी बाजू से होकर निकला, जिससे हड्डी में फ्रैक्चर हुआ और उन्हें करीब 150 टांके लगाने पड़े। हमले के दौरान सुखबीर बादल की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ था। मजीठिया के अनुसार, पुलिसकर्मी की भी सर्जरी की गई है और उसकी हालत भी खतरे से बाहर बताई जा रही है। दोनों का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। मजीठिया ने गुरुद्वारा परिसर में सुखबीर बादल पर हुए हमले को बेहद गंभीर और कायराना घटना बताया। उन्होंने कहा कि जिस समय हमला हुआ, उस दौरान सुखबीर बादल के परिवार की महिलाएं भी वहां मौजूद थीं। उनके मुताबिक, निहत्थे व्यक्ति पर इस तरह हमला किया जाना चिंता का विषय है और ऐसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि घटना के बाद परिवार ने हरसिमरत कौर बादल सहित तख्त साहिब में अखंड पाठ साहिब का भोग डाला और गुरु साहिब का शुक्राना किया।

मजीठिया ने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने कथित तौर पर हमले पर खुशी जताई या इसे सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हिंसा को किसी भी रूप में बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। मजीठिया ने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ लीडरशिप ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दोनों हमलों की गहन जांच की मांग करने का फैसला किया है। पार्टी चाहती है कि अमृतसर के श्री दरबार साहिब में वर्ष 2024 में हुए हमले और नांदेड़ में हुए हमले की जांच एनआईए से फास्ट-ट्रैक तरीके से कराई जाए। अकाली नेता का दावा है कि दोनों घटनाओं के संभावित संबंधों की भी जांच की जानी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि किसी बड़े नेटवर्क, अंतरराज्यीय या सीमा पार कनेक्शन की भूमिका है तो केंद्रीय एजेंसी की जांच से उसकी तह तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। मजीठिया ने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल हमलावर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि घटना के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका थी या नहीं। उन्होंने कहा कि साजिशकर्ताओं तक पहुंचना जरूरी है, ताकि भविष्य में धार्मिक स्थलों पर ऐसी घटनाओं को दोहराने से रोका जा सके। फिलहाल सुखबीर सिंह बादल की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। हमले को लेकर पुलिस जांच जारी है और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अकाली दल की ओर से भी मामले की केंद्रीय एजेंसी से विस्तृत जांच कराने की मांग उठाई जा रही है।

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