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हरेला पर MDDA का बड़ा कदम, ‘हरित दून अभियान’ की हुई शुरुआत

देहरादून:- उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व हरेला के अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरित दून अभियान’ की शुरुआत की। अभियान का शुभारंभ कैनाल रोड स्थित चीड़वाली क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर बंशीधर तिवारी ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और संस्कृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है।

500 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य

एमडीडीए के अनुसार, ‘हरित दून अभियान’ के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 500 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और हरित क्षेत्रों का दीर्घकालिक विकास भी सुनिश्चित किया जाएगा।

अतिक्रमण मुक्त भूमि बनेगी हरित क्षेत्र

बंशीधर तिवारी ने बताया कि प्राधिकरण उन सरकारी भूमि क्षेत्रों को विकसित कर रहा है जिन्हें हाल के समय में अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इन स्थानों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि शहर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छ और हराभरा वातावरण मिल सके।

पाथ-वे और ग्रीन स्पेस होंगे विकसित

उन्होंने बताया कि चयनित स्थलों पर लोगों की सुविधा के लिए वॉकिंग पाथ (Pathway) और खुले हरित क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे नागरिक प्रकृति के बीच समय बिता सकेंगे, सुबह-शाम सैर कर सकेंगे और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।

नदी किनारों के संरक्षण पर विशेष फोकस

एमडीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण नदी तटों के संरक्षण और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए भी लगातार कार्रवाई कर रहा है। खाली कराई गई जमीनों को हरित क्षेत्र में परिवर्तित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ शहरी सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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